Barabanki News: बाराबंकी के रामनगर तहसील में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में 143 शिकायतें पहुंचीं, लेकिन केवल 9 का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
डीएम ईशान प्रताप सिंह ने राजस्व अधिकारियों को फटकार लगाते हुए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 01 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील में डीएम ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक बार फिर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 143 शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन सिर्फ 9 मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो सका। यानी 134 फरियादी अपनी शिकायतों के समाधान की उम्मीद लेकर लौट गए।
हालांकि, जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कई मामलों में स्वयं हस्तक्षेप करते हुए अधिकारियों को मौके पर बुलाया और शिकायतों का समाधान कराया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय, उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता, जॉइंट मजिस्ट्रेट विद्यांशु शेखर झा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
143 शिकायतें आईं, लेकिन मौके पर सिर्फ 9 का निस्तारण
रामनगर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, बिजली, विकास, भूमि विवाद और अन्य विभागों से जुड़ी कुल 143 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से केवल 09 शिकायतों का मौके पर समाधान हो पाया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी औपचारिकता न बनकर वास्तविक राहत देने वाला होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने खुद बुलवाए अधिकारी, मौके पर सुधरवाई खतौनी
समाधान दिवस के दौरान कई शिकायतों में जिलाधिकारी ने स्वयं हस्तक्षेप किया।
न्यायालय के आदेश के बाद भी खतौनी में नहीं हुई थी प्रविष्टि
ग्राम देवकहा निवासी संजय कुमार ने शिकायत की कि न्यायालय के आदेश के बावजूद उनकी खतौनी में आदेश की अमलदरामद दर्ज नहीं की गई।
डीएम ने तत्काल संबंधित रजिस्ट्रार कानूनगो को बुलाकर अभिलेखों की जांच कराई और मौके पर ही खतौनी में आवश्यक प्रविष्टि दर्ज कराकर संशोधित खतौनी शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराई।
गलत दर्ज हुआ था जमीन का अंश, डीएम ने तत्काल कराया संशोधन
ग्राम गंगापुर निवासी पंकज सिंह ने शिकायत की कि उनकी खतौनी में भूमि का अंश गलत दर्ज कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को तुरंत तलब कर रिकॉर्ड की जांच कराई और मौके पर ही त्रुटि का संशोधन कराते हुए सही खतौनी शिकायतकर्ता को सौंपने के निर्देश दिए।
पैमाइश हुई, आदेश भी हुआ… फिर भी नहीं बनी मेड़
ग्राम किन्हौली निवासी राम कुमार ने शिकायत की कि उपजिलाधिकारी न्यायालय द्वारा मेड़बंदी का आदेश पारित होने और प्रारंभिक पैमाइश पूरी होने के बावजूद मौके पर आज तक मेड़बंदी नहीं कराई गई।
मामले को गंभीर मानते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर मेड़बंदी पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
डीएम बोले— औपचारिक नहीं, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण चाहिए
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि—
- शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न किया जाए।
- अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर तथ्यों की जांच करें।
- शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले।
- स्थायी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
- शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि प्रशासन पर जनता का विश्वास तभी मजबूत होगा जब शिकायतों का समाधान ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाएगा।
अन्य तहसीलों का भी रहा यही हाल
जनपद की अन्य तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस में भी बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हुईं।
- नवाबगंज: 190 शिकायतें, 20 का निस्तारण
- रामसनेहीघाट: 88 शिकायतें, 14 का निस्तारण
- सिरौलीगौसपुर: 95 शिकायतें, 4 का निस्तारण
- रामनगर: 143 शिकायतें, 9 का निस्तारण
- फतेहपुर: 65 शिकायतें, 10 का निस्तारण
- हैदरगढ़: 95 शिकायतें, 4 का निस्तारण
आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश मामलों में शिकायतें तो बड़ी संख्या में पहुंचीं, लेकिन मौके पर समाधान की रफ्तार बेहद सीमित रही।
सवाल उठना लाजिमी
सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान है, लेकिन जब डीएम की अध्यक्षता में 143 शिकायतों में केवल 9 मामलों का और सीडीओ की अध्यक्षता में 190 शिकायतों में से मात्र 20 का निस्तारण हो, तो व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि शेष शिकायतों का निस्तारण कितनी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से किया जाता है।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी











