Barabanki:
बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के अमराई गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, एक आरोपी फरार, गांव में तनाव के चलते पुलिस बल तैनात।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के अमराई गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वही, एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
शनिवार को हुई थी हिंसक झड़प
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत अमराई निवासी चेतराम और गजोधर के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। बीते शनिवार को दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। मारपीट के दौरान एक पक्ष के चेतराम, रामकुमार और सुनीता गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान हुई मौत
घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चेतराम की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया। उपचार के दौरान रविवार को चेतराम की मौत हो गई, जिससे गांव में आक्रोश फैल गया।
तीन नामजद आरोपी गिरफ्तार
मृतक के परिजनों की तहरीर पर रामनगर थाना पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए विशाल पुत्र बुद्धू, विनोद यादव पुत्र विशाल और नरेंद्र पुत्र गजोधर को चौकाघाट के पास से गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट से भेजे गए जेल
पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में नामजद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
हत्या की इस वारदात के बाद अमराई गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर निगरानी की जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और मामले की विवेचना की जा रही है।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी















