Barabanki News: बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के कमेला गांव में पानी निकासी को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया।
पीड़िता ने कई लोगों पर लाठी-डंडों से मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 21 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के कमेला गांव में पानी निकासी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि विवाद के दौरान एक पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला कर कई लोगों को घायल कर दिया। पीड़ित पक्ष ने घटना की शिकायत पुलिस से करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता कमलेश कुमारी द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, गांव में पानी निकासी को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। इसी क्रम में 19 जुलाई 2026 को विवाद बढ़ गया और विपक्षी पक्ष के लोगों ने कथित रूप से मारपीट शुरू कर दी।
बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों पर भी हमला, एक घायल
पीड़िता का आरोप है कि जब विवाद बढ़ा तो बीच-बचाव के लिए पहुंचे मनोज, अनुज और ऋषि को भी नहीं बख्शा गया। उनके साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं।
घटना में घायल मनोज को उपचार के लिए तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, विवाद के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और आसपास के लोगों ने किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया।
जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप
पीड़िता कमलेश कुमारी ने आरोप लगाया है कि मारपीट के बाद विपक्षी पक्ष के लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।
इसके बाद पीड़िता ने 20 जुलाई 2026 को सुबेहा थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू
सुबेहा पुलिस ने एक पक्ष से प्राप्त तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि यदि दूसरे पक्ष की ओर से भी कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।
गांवों में पानी निकासी विवाद बन रहे तनाव का कारण
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी निकासी, खेतों की मेड़, रास्ता और जमीन संबंधी विवाद अक्सर तनाव का कारण बनते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर समाधान कराया जाए, तो ऐसे विवादों को हिंसक होने से रोका जा सकता है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











