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Barabanki बीएसए कार्यालय में हड़कंप: शिकायत की सुनवाई के दौरान प्रधानाध्यापक को पड़ा हार्ट अटैक, सहकर्मियों पर गंभीर आरोप

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Barabanki: BSA कार्यालय में सुनवाई के दौरान प्रधानाध्यापक को हार्ट अटैक पड़ा।

पत्नी ने सहकर्मियों पर एमडीएम फंड, धमकी, जातिगत टिप्पणी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए।

शिक्षक की हालत नाजुक, जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 25 मार्च 2026

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी पत्नी के साथ शिकायत की सुनवाई के लिए पहुंचे एक प्रधानाध्यापक को अचानक सीने में तेज दर्द उठा और वे गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से उन्हें आनन-फानन में ई-रिक्शा के जरिए जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया।

डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ रेफर कर दिया।

कौन हैं पीड़ित शिक्षक और क्या है मामला

शिक्षक की पहचान सिरौली गौसपुर तहसील के प्राथमिक विद्यालय बदोसराय में तैनात प्रधानाध्यापक धर्मराज के रूप में हुई है।

उनकी पत्नी किरन ने विद्यालय के सहायक अध्यापक अभिषेक सिंह, शिक्षा मित्र अर्शिया खातून, आरफा खातून और अन्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

 

MDM योजना के नाम पर दबाव और खर्च का आरोप

किरन के अनुसार, विद्यालय में मध्याह्न भोजन (MDM) योजना के नाम पर सभी शिक्षकों के लिए अलग से चाय-नाश्ता और भोजन की व्यवस्था करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

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उन्होंने बताया कि उनके पति लंबे समय से अपने वेतन से यह खर्च उठाते रहे, बावजूद इसके सहकर्मी लगातार और बेहतर व्यवस्था करने के लिए दबाव डालते रहे।

“चार्ज दे दो, नहीं तो फंसा देंगे” – धमकी का आरोप

किरन का आरोप है कि सहायक अध्यापक अभिषेक सिंह ने उनके पति से कहा कि यदि वे MDM का पूरा नियंत्रण उन्हें दे दें तो वह व्यवस्था संभाल लेंगे।

लेकिन जब धर्मराज ने लिखित रूप से चार्ज देने की बात कही तो कथित तौर पर अभिषेक सिंह ने लिखित प्रक्रिया से इनकार कर दिया और दबाव बनाते रहे।

आरोप है कि मना करने पर उन्हें झूठे छेड़छाड़ के मामले में फंसाने, निलंबन कराने और वेतन रुकवाने तक की धमकी दी गई।

कमरे में बंद कर धमकाने और जातिगत टिप्पणी के आरोप

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार उनके पति को कमरे में बंद कर डराया-धमकाया गया।

साथ ही, अनुसूचित जाति से होने के कारण उनके साथ अभद्र भाषा और अपमानजनक व्यवहार किया गया।

फर्जी हस्ताक्षर और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

किरन के मुताबिक, आरोपित शिक्षक अक्सर विद्यालय नहीं आते और उनके हस्ताक्षर अन्य लोगों से करवाए जाते हैं। उनके पति ने जब इसका विरोध किया तो उन्हें धमकी दी गई। इसके अलावा दिव्यांग शौचालय के निर्माण के लिए आई धनराशि में भी आरोपी शिक्षक द्वारा गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है।

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बाहरी लोगों के जरिए दबाव बनाने का आरोप

पत्नी का कहना है कि एक व्यक्ति, जो खुद को शिक्षक और यूट्यूबर बताता है, अक्सर विद्यालय आकर अभिलेख मांगता और उनके पति पर अनावश्यक दबाव बनाता था।

मानसिक तनाव में थे शिक्षक, पहले भी पड़ चुका है अटैक

किरन ने बताया कि लगातार विवाद और दबाव के कारण उनके पति लंबे समय से मानसिक तनाव में थे।

अवसाद के चलते उन्हें पहले भी उन्हें दिल का दौरा पड़ चुका है, जिससे उनकी हालत पहले से ही कमजोर थी।

ट्रांसफर और जांच अधिकारी बदलने की मांग

उन्होंने बताया कि उनके पति ने विभाग से स्थानांतरण की मांग की थी, लेकिन आरोप है कि मामले की जांच ऐसे अधिकारी को सौंपी गई जो आरोपित शिक्षक के करीबी हैं।

इसी के विरोध में बुधवार को दोनों BSA कार्यालय पहुंचे थे।

BSA कार्यालय में विवाद के बाद पड़ा हार्ट अटैक

किरन के अनुसार, जब उन्होंने जांच अधिकारी बदलने और ट्रांसफर की मांग की तो उसे खारिज कर दिया गया।

इस दौरान वहां मौजूद विजय नाम के एक व्यक्ति द्वारा उनके पति को गलत ठहराया जाने लगा, जिससे तनाव बढ़ गया और अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें हार्ट अटैक आ गया।

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पत्नी की मांग – दोषियों पर कार्रवाई और ट्रांसफर

पीड़िता ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उनके पति का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके पति के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी आरोपित व्यक्तियों की होगी।

शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इस घटना ने शिक्षा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के बीच चल रहे आंतरिक विवाद, MDM योजना के दुरुपयोग और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद

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