Barabanki: BSA ऑफिस में शिक्षक को हार्ट अटैक पड़ने के मामले में 3 BEO की जांच टीम गठित।
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पर MDM, धमकी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, 7 दिन में रिपोर्ट।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 27 मार्च 2026
बाराबंकी जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय में प्रधानाध्यापक को हार्ट अटैक पड़ने के मामले ने अब प्रशासनिक रूप ले लिया है। सिरौलीगौसपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बदोसराय प्रथम के प्रधानाध्यापक धर्मराज गौतम द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच के लिए तीन खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की टीम गठित की गई है। यह टीम 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

क्या है पूरा मामला?
शिकायत से शुरू हुआ विवाद
प्राथमिक विद्यालय बदोसराय प्रथम के प्रधानाध्यापक धर्मराज गौतम ने सहायक अध्यापक और प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह समेत अन्य शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत की थी।
इसी शिकायत के संबंध में जांच अधिकारी बदलने और अपने स्थानांतरण की मांग को लेकर बुधवार को धर्मराज गौतम अपनी पत्नी किरन के साथ BSA कार्यालय पहुंचे थे।

सुनवाई के दौरान पड़ा हार्ट अटैक
अचानक बिगड़ी तबीयत
सुनवाई के दौरान अचानक धर्मराज गौतम को सीने में तेज दर्द हुआ और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। तत्काल उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ के लारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।

मानसिक तनाव में थे शिक्षक
पहले भी पड़ चुका है अटैक
पत्नी किरन के अनुसार, उनके पति लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। उन्होंने बताया कि पहले भी उन्हें हार्ट अटैक आ चुका है और वर्तमान विवाद के चलते उनका तनाव और बढ़ गया था।

MDM योजना को लेकर दबाव के आरोप
वेतन से उठाना पड़ रहा था खर्च
किरन का आरोप है कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन (MDM) योजना के नाम पर शिक्षकों के लिए अलग से चाय-नाश्ता और भोजन की व्यवस्था करने का दबाव बनाया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि उनके पति लंबे समय से अपने वेतन से यह खर्च उठा रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन पर बेहतर व्यवस्था करने का दबाव जारी था।

गंभीर आरोप—धमकी, फंसाने और दबाव बनाने का दावा
झूठे केस में फंसाने की धमकी
किरन ने आरोप लगाया कि सहायक अध्यापक अभिषेक सिंह ने उनके पति पर MDM का नियंत्रण सौंपने का दबाव बनाया।
जब धर्मराज ने लिखित प्रक्रिया की बात कही, तो कथित तौर पर उसे टाल दिया गया।
आरोप है कि मना करने पर उन्हें झूठे छेड़छाड़ के मामले में फंसाने, निलंबन कराने और वेतन रुकवाने की धमकी दी गई।

कमरे में बंद कर धमकाने और जातीय टिप्पणी के आरोप
SC वर्ग से होने पर अभद्र व्यवहार का आरोप
पत्नी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति को एक बार कमरे में बंद कर डराया-धमकाया गया।
साथ ही अनुसूचित जाति से होने के कारण उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और अपमानजनक व्यवहार किया गया।

फर्जी हस्ताक्षर और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप
स्कूल में अनियमितता के आरोप
किरन के अनुसार, आरोपित शिक्षक विद्यालय में कम उपस्थित रहते हैं और उनके हस्ताक्षर अन्य लोगों से करवाए जाते हैं।
इसके अलावा दिव्यांग शौचालय निर्माण के लिए आई धनराशि में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया है।

3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए BSA ने देवा, फतेहपुर और हैदरगढ़ के तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की जांच टीम गठित की है।
यह टीम 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
BSA ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
📝 रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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