Barabanki News:
लोनी कटरा क्षेत्र में बैंक ऑफ इंडिया शाखा में उपभोक्ता ने कैशियर पर ₹400 की चोरी का आरोप लगाया। बैंक, पुलिस और उपभोक्ता के बयान अलग-अलग, मामला जांच के घेरे में।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 फरवरी 2026
बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र अंतर्गत भिलवल स्थित बैंक ऑफ इंडिया की मकनपुर शाखा में एक उपभोक्ता ने कैशियर पर ₹400 की चोरी का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद बैंक के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। मामले को लेकर उपभोक्ता, बैंक प्रबंधन और पुलिस के बयान एक-दूसरे से अलग नजर आ रहे हैं।
ग्राम भिलवल निवासी वैष्णो कुमार पुत्र अतीश कुमार के अनुसार, वह 28 जनवरी 2026 को बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में अपने पिता के खाते में ₹34,000 जमा करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि कैश जमा करते समय उन्होंने ₹200 के 30 नोट, ₹100 के 30 नोट और ₹500 के 50 नोट गिनकर कैशियर मिनी राजपूत को दिए थे।
उपभोक्ता का आरोप है कि पैसे गिनने के बाद कैशियर ने बताया कि ₹200 के दो नोट यानी ₹400 कम हैं। वैष्णो कुमार का कहना है कि उन्होंने पूरा पैसा देने की बात कही, लेकिन कैशियर ने उनकी बात नहीं मानी। मजबूरी में उन्हें दोबारा ₹400 देने पड़े, जिसके बाद उनके पिता के खाते में रकम जमा की गई।
वैष्णो कुमार का दावा है कि बाद में CCTV फुटेज की जांच करने पर यह स्पष्ट हुआ कि कैशियर ने दिए गए पैसों में से ₹400 अपने पास रख लिए। उन्होंने इस संबंध में शाखा प्रबंधक विनय कुमार पांडेय को लिखित शिकायत दी। आरोप है कि शिकायत के बाद शाखा प्रबंधक ने उन्हें धमकाया और झूठा आरोप लगाने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी। उपभोक्ता का आरोप है कि उसे कैशियर और शाखा प्रबंधक की मिलीभगत का संदेह है।

पीड़ित ने मामले की शिकायत छबील चौकी में दर्ज कराई है। हालांकि, लोनी कटरा थाना प्रभारी अभय कुमार मौर्य ने बताया कि उन्हें अब तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि बैंक कर्मचारियों द्वारा बाहर भीड़ जमा होने की सूचना दी गई थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने बैंकिंग संबंधी शिकायतों के लिए बैंक के जोनल कार्यालय में संपर्क करने की सलाह दी।
वही, बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक विनय कुमार पांडेय ने आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि कैश मिलान के दौरान ₹400 अतिरिक्त पाए गए थे। उपभोक्ता द्वारा दावा किए जाने पर बैंक बंद होने के कारण उसी समय जानकारी नहीं दी जा सकी। उनका कहना है कि उपभोक्ता को राशि लौटाने का प्रयास किया गया था।
फिलहाल, मामला जांच और आपसी दावों के बीच उलझा हुआ है। अब देखना यह होगा mk शिकायत की औपचारिक जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















