Barabanki News: बाराबंकी में जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के समर्थन में अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
राष्ट्रपति के नाम 4 सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर मुकदमा और शिक्षा के राष्ट्रीयकरण की मांग उठाई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 24 जुलाई 2026
देशभर में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों के समर्थन में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में अधिवक्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय अधिवक्ता मंच के बैनर तले अधिवक्ताओं ने शहर में जुलूस निकालते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए और जिला अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की न्यायिक जांच और शिक्षा के राष्ट्रीयकरण सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं।
ज्ञापन में उठाईं ये चार प्रमुख मांगें
अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में केंद्र सरकार से कई अहम मांगें कीं। उनका कहना था कि देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और छात्रों के आंदोलनों पर बल प्रयोग ने युवाओं का भविष्य संकट में डाल दिया है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्न मांगें रखी गईं—
- छात्र, बेरोजगार, किसान, महिला, कर्मचारी और मजदूर विरोधी नीतियों का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाने और जेल भेजने की मांग।
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की मांग।
- नीट सहित अन्य पेपर लीक मामलों से जुड़े घटनाक्रमों और छात्र आंदोलनों के दौरान जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता तथा सरकारी नौकरी देने की मांग।
‘वन नेशन-वन एजुकेशन’ लागू करने और शिक्षा के राष्ट्रीयकरण की उठी मांग
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में ‘वन नेशन-वन एजुकेशन’ व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि देश में शिक्षा का लगातार व्यवसायीकरण हो रहा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि शिक्षा को पूरी तरह राष्ट्रीयकृत किया जाए, ताकि सभी छात्रों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।

जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर हुई नारेबाजी
जुलूस के दौरान अधिवक्ताओं ने जिला अधिकारी कार्यालय तक मार्च किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से पुलिस बल भी तैनात रहा।
हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और ज्ञापन सौंपने के बाद अधिवक्ताओं ने आंदोलन को समाप्त किया।
इन अधिवक्ताओं ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व
जुलूस एवं विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय अधिवक्ता मंच के जिला संयोजक आर.पी. गौतम एडवोकेट, अमित गौतम एडवोकेट तथा रमेश चंद्र भारती एडवोकेट ने किया।
इस अवसर पर समर सिंह एडवोकेट, धीरेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट, बी.एल. गौतम एडवोकेट, रामराज यादव एडवोकेट, राहुल मिश्रा एडवोकेट, अनिल कुमार एडवोकेट, लखपति एडवोकेट, अमन वीर एडवोकेट, उत्तम कुमार एडवोकेट, पदम कुमार एडवोकेट, सतीश कुमार एडवोकेट, नरेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट, मंसाराम चौधरी एडवोकेट, राम सजीवन एडवोकेट, मधु रावत एडवोकेट, कोमल गौतम एडवोकेट, शिव कैलाश एडवोकेट, इकराम खान एडवोकेट, अनीश खान एडवोकेट, नरेंद्र यादव एडवोकेट, आनंद कुमार एडवोकेट, कपिल देव एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











