Barabanki: अधिवक्ता शुऐब किदवई बॉबी हत्याकांड
- बाराबंकी में अधिवक्ता शुऐब किदवई उर्फ बॉबी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के 48 घंटे बाद भी पुलिस को सुराग नहीं मिला।
- नाराज अधिवक्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।
- एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने पांच टीमें गठित कर जल्द खुलासे का आश्वासन दिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 16 फरवरी 2026
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर दिनदहाड़े हुए अधिवक्ता शुऐब महमूद किदवई उर्फ बॉबी हत्याकांड में 48 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला बार एसोसिएशन के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ता कचहरी से नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे और जल्द खुलासे की मांग की।
दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने बरसाई गोलियां
घटना 13 फरवरी 2026 की है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर नगर कोतवाली क्षेत्र के असेनी मोड़ के पास सर्विस लेन पर अज्ञात हमलावरों ने अधिवक्ता शुऐब किदवई उर्फ बॉबी पर उस समय ताबड़तोड़ गोलियां चला कर उनकी निर्मम हत्या कर दी थी जब वो अपनी बलेनो कार (UP 32 PF 4610) से लखनऊ से बाराबंकी कचहरी की ओर जा रहे थे।

दिनदहाड़े हुई साथी अधिवक्ता की हत्या से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने जिला अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक जोरदार प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया और पुलिस को 48 घंटे में हत्यारों की गिरफ्तारी का अल्टीमेटम दिया था।
48 घंटे बीतने के बाद भी सुराग नहीं, अधिवक्ताओं में आक्रोश
निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी हत्यारों का कोई सुराग न मिलने से अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा की अगुवाई में सैकड़ों की तादाद में अधिवक्ता कचहरी के मुख्य गेट से बाहर निकले और नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय तक पहुंचे।

अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने की एसपी से वार्ता
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा, पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित, जगत बहादुर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रितेश मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता रमन लाल द्विवेदी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय से मुलाकात की।

पांच टीमें गठित, अलग-अलग जिलों में जांच
एसपी ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें अलग-अलग जिलों में जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जल्द ही घटना का राजफाश किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल के बाहर आने के बाद एसपी स्वयं कार्यालय के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से वार्ता की। आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
भारी पुलिस बल रहा तैनात, हल्की झड़प की सूचना
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही कचहरी परिसर और लखनऊ-अयोध्या मार्ग पर पटेल तिराहा के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच हल्की झड़प की भी सूचना है। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी डॉ. विकास चंद्र त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया और संयम बरतने की अपील की।
क्या है आगे की रणनीति?
पुलिस के अनुसार जांच कई एंगल से की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। हालांकि 48 घंटे बाद भी ठोस सुराग न मिलने से अधिवक्ता समुदाय में नाराजगी बरकरार है।

अब सभी की नजर पुलिस जांच और संभावित गिरफ्तारी पर टिकी है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान














