बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक में नोडल अधिकारी हर्षिता माथुर ने स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत और CHC का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने कई शिकायतें रखीं, जबकि बंद कमरे में समीक्षा बैठक पर सवाल उठे।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 अक्टूबर 2026
शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी हर्षिता माथुर ने सोमवार को बाराबंकी जिले के निंदूरा विकासखंड क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने शिक्षा, आंगनबाड़ी, पंचायत और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति परखी। निरीक्षण के दौरान जहां कई व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई, वहीं कुछ कमियां और ग्रामीणों की शिकायतें भी सामने आईं।
नोडल अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार तथा लंबित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत बहरौली स्थित कंपोजिट विद्यालय से हुई और इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुंघटेर का निरीक्षण किया गया।
कंपोजिट विद्यालय में 680 के सापेक्ष 540 बच्चे मिले
नोडल अधिकारी हर्षिता माथुर ने सबसे पहले ग्राम पंचायत बहरौली स्थित कंपोजिट विद्यालय का निरीक्षण किया। विद्यालय में कुल 680 बच्चों के सापेक्ष 540 बच्चे उपस्थित मिले।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित आईसीटी लैब, फर्नीचर की स्थिति, मिड-डे-मील व्यवस्था और पुस्तक वितरण से संबंधित रजिस्टरों का अवलोकन किया।
पत्र व्यवहार रजिस्टर अपडेट रखने के निर्देश
नोडल अधिकारी ने विद्यालय के पत्र व्यवहार रजिस्टर की भी जांच की। रजिस्टर में अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं पाए जाने पर उन्होंने प्रधानाध्यापिका को रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए।
इस दौरान प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी आवश्यकताएं भी बताईं। उन्होंने सफाई कर्मी, सुरक्षा गार्ड और अतिरिक्त कक्षा-कक्ष उपलब्ध कराने की मांग रखी।
आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के अक्षर ज्ञान की जांच
इसके बाद नोडल अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में मौजूद बच्चों से अक्षर ज्ञान की जानकारी ली और उनकी पढ़ाई से संबंधित सामग्री देखी।
उन्होंने बच्चों की आधारशिला की कॉपी और एनबीटी की किताब का अवलोकन किया। हालांकि, केंद्र पर प्रतिदिन पढ़ाई जाने वाली आधारशिला की पुस्तक उपलब्ध नहीं मिली।

दो महिलाओं की गोद भराई और बच्चे का अन्नप्राशन
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र पर दो महिलाओं की गोद भराई और एक बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया।
नोडल अधिकारी ने केंद्र की गतिविधियों और बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
पंचायत भवन में ग्रामीणों ने गिनाईं समस्याएं
नोडल अधिकारी ने ओदार पंचायत भवन पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर की कई समस्याएं उनके सामने रखीं।
ग्रामीणों की ओर से नल में टोटी न होने, पानी की आपूर्ति बाधित रहने, आंगनबाड़ी भवन नहीं होने, जमीन का चिह्नांकन न होने और किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलने जैसी शिकायतें सामने आईं।

समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश
ग्रामीणों की शिकायतों को सुनने के बाद नोडल अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
इसके साथ ही पंचायत स्तर पर आय और जाति प्रमाण पत्र से संबंधित कार्यों की संख्या बढ़ाने के लिए भी निर्देशित किया गया।
CHC घुंघटेर में जांच और दवाओं की उपलब्धता परखी
निरीक्षण के अंतिम चरण में नोडल अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुंघटेर का निरीक्षण किया।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की पैथोलॉजी लैब, प्रतिदिन होने वाली जांचों, मरीजों से संबंधित रजिस्टर और औषधि भंडार में उपलब्ध दवाओं की स्थिति की जानकारी ली।
मरीजों की जांच और दवा स्टॉक की ली जानकारी
नोडल अधिकारी ने यह भी देखा कि अस्पताल में नियमित रूप से कौन-कौन सी जांचें की जा रही हैं और मरीजों से संबंधित रिकॉर्ड किस तरह रखा जा रहा है। इसके अलावा औषधि भंडार में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक की जानकारी भी ली गई।
बंद कमरे में समीक्षा बैठक, पर्दा डालकर बंद रहा दरवाजा
निरीक्षण के बाद ब्लॉक परिसर में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। हालांकि, बैठक के आयोजन को लेकर भी चर्चा रही।
बताया गया कि समीक्षा बैठक मीटिंग हॉल में करने के बजाय एक कार्यालय में बंद कमरे में आयोजित की गई। कार्यालय के कांच के दरवाजे पर पर्दा डालकर उसे बाहर से ढक दिया गया था।
बैठक की पारदर्शिता को लेकर लोगों में चर्चा
बंद कमरे में बैठक आयोजित किए जाने और कांच के दरवाजे पर पर्दा लगाए जाने को लेकर वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा होती रही।
कुछ लोगों का कहना था कि जब शासन स्तर से नामित नोडल अधिकारी विकास कार्यों और विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रही थीं, तो बैठक की प्रक्रिया में पारदर्शिता रहनी चाहिए।
लोगों के बीच यह सवाल भी चर्चा का विषय बना रहा कि जब विकास कार्यों और विभागीय व्यवस्थाओं की समीक्षा हो रही थी तो समीक्षा बैठक बंद कमरे में क्यों आयोजित की गई और दरवाजे पर पर्दा क्यों लगाया गया?
हालांकि, बैठक को बंद कमरे में आयोजित करने या पर्दा लगाए जाने के संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया।
निरीक्षण के बाद अब कार्रवाई पर नजर
नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान शिक्षा, पंचायत, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई तथा कई मामलों में सुधार के निर्देश दिए गए।
अब देखना होगा कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों और ग्रामीणों की शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी
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