Barabanki News: बाराबंकी के सुबेहा क्षेत्र के शरीफाबाद गांव में खेत में बछड़े का शव और संदिग्ध पदचिन्ह मिले।
ग्रामीणों ने तेंदुए की आशंका जताई, लेकिन वन विभाग ने हमले की पुष्टि नहीं की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 सितम्बर 2026
बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के शरीफाबाद गांव में करीब एक सप्ताह से तेंदुए की गतिविधियां नजर नहीं आने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन बुधवार सुबह खेत में एक बछड़े का क्षत-विक्षत शव और आसपास संदिग्ध पदचिन्ह मिलने से एक बार फिर इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों को आशंका है कि बछड़ा तेंदुए का शिकार हो सकता है और तेंदुआ आसपास के इलाके में कहीं छिपा हुआ है। शव मिलने की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आसपास के खेतों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
हालांकि वन विभाग ने फिलहाल तेंदुए के हमले की पुष्टि नहीं की है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मृत बछड़े के शरीर और गले पर तेंदुए के हमले के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। पदचिन्ह भी मिले हैं, लेकिन उन्हें तेंदुए का पदचिन्ह मानना अभी निश्चित नहीं है।
खेत में मिला बछड़े का शव, आसपास दिखे संदिग्ध पदचिन्ह
जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह शरीफाबाद निवासी नफीस और गंगाराम कश्यप के खेत के बीच एक गोवंश का शव पड़ा दिखाई दिया। शव के आसपास जानवर के पैरों के निशान भी नजर आए।
खेत में शव मिलने की सूचना कुछ ही देर में गांव में फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। क्षेत्र में पहले तेंदुए की गतिविधियों की चर्चा होने के कारण शव और पदचिन्ह देखकर लोगों को एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी की आशंका सताने लगी।

एक सप्ताह से नहीं दिखी थी तेंदुए की गतिविधि
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले दिनों क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां देखे जाने की बात सामने आई थी। लगातार कुछ समय तक इसकी चर्चा रहने के बाद करीब एक सप्ताह से तेंदुए की कोई गतिविधि नजर नहीं आई थी।
इससे ग्रामीणों ने कुछ राहत महसूस की थी, लेकिन अब खेत में बछड़े का शव मिलने के बाद लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है।
ग्रामीण बोले- तेंदुए ने बनाया होगा बछड़े को शिकार
बछड़े के शव और संदिग्ध पदचिन्ह मिलने के बाद ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में पहले तेंदुए की गतिविधियां देखी गई हैं, इसलिए इस घटना को भी तेंदुए से जोड़कर देखा जा रहा है।
ग्रामीणों को आशंका है कि तेंदुआ आसपास के खेतों, झाड़ियों या अन्य सुरक्षित स्थानों में छिपा हो सकता है।
वन विभाग ने तेंदुए के हमले की पुष्टि नहीं की
हालांकि ग्रामीणों की आशंका के विपरीत वन विभाग ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि बछड़े की मौत तेंदुए के हमले में हुई है।
वन दरोगा अनुज सिंह ने बताया कि मृत जानवर के गले और शरीर पर तेंदुए के हमले के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि बछड़े के पैर में तार बंधा हुआ प्रतीत हो रहा है।
गले पर हमला न होने से तेंदुए के शिकार पर सवाल
वन दरोगा के मुताबिक, शव को देखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि बछड़ा पहले से मृत था। उन्होंने बताया कि तेंदुआ सामान्य तौर पर शिकार करते समय गले के हिस्से पर हमला करता है।
लेकिन इस बछड़े के शरीर पर गले या शरीर में तेंदुए के हमले के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि बछड़े को तेंदुए ने ही मारा है।
पदचिन्ह मिले, लेकिन तेंदुए के होने की पुष्टि नहीं
वन विभाग ने यह जरूर माना है कि मौके पर पदचिन्ह मिलने की बात सही है। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि केवल पदचिन्ह मिलने से यह साबित नहीं होता कि वे तेंदुए के ही हैं।
वन विभाग के अनुसार, कोई अन्य जंगली जानवर भी इन पदचिन्हों का कारण हो सकता है। इसलिए पदचिन्हों और बछड़े की मौत की परिस्थितियों को देखते हुए जांच की जा रही है।
वन विभाग की टीम ने बढ़ाई निगरानी
घटना के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में निगरानी कर रही है। टीम आसपास के इलाके पर नजर रखे हुए है ताकि किसी जंगली जानवर की वास्तविक मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर भय का माहौल देखते हुए वन विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल विभाग ने तेंदुए की मौजूदगी या बछड़े को उसके द्वारा शिकार बनाए जाने की पुष्टि नहीं की है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












