Barabanki News: बाराबंकी में डीएम ईशान प्रताप सिंह ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया।
छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और पढ़ाई, भोजन व सुविधाओं का फीडबैक लिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 अगस्त 2026
बाराबंकी में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह का छात्राओं के प्रति संवाद और सहजता का अंदाज उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया। डीएम ने भोजन के साथ छात्राओं से उनकी पढ़ाई, दिनचर्या, आवासीय व्यवस्था और विद्यालय में मिल रही सुविधाओं को लेकर सीधे बातचीत की और समस्याओं का फीडबैक लिया।
जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजीबपुर तथा उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, देवा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अकादमिक ब्लॉक, आवासीय परिसर सहित विद्यालय के विभिन्न हिस्सों का जायजा लेते हुए बालिकाओं को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षिक एवं आवासीय सुविधाओं की जानकारी ली।
छात्राओं के साथ बैठकर डीएम ने किया भोजन
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया। इस दौरान उन्होंने केवल भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था को ही नहीं देखा, बल्कि छात्राओं से उनकी नियमित दिनचर्या, पढ़ाई, भोजन, रहने की व्यवस्था और विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी सीधे जानकारी ली।
डीएम ने छात्राओं से पूछा कि उन्हें विद्यालय में किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है और भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर उनका अनुभव कैसा है। अधिकारियों के बजाय छात्राओं से सीधे फीडबैक लेकर उन्होंने जमीनी स्थिति समझने का प्रयास किया।

15 मेधावी छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
जिलाधिकारी ने कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 15 मेधावी बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने छात्राओं की मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
इसके अलावा राज्य स्तरीय कुरास प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली 12 छात्राओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान हासिल करने वाली कक्षा 7 की छात्रा रागिनी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

छात्रा ने पूछा- IAS बनने के लिए कैसे करें तैयारी?
बालिकाओं से संवाद के दौरान एक छात्रा ने जिलाधिकारी से पूछा कि आईएएस बनने के लिए किस तरह मेहनत करनी चाहिए?
इस पर डीएम ने छात्राओं को केवल प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी तक सीमित रहने के बजाय पहले एक अच्छा नागरिक बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अपने आसपास की छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देना, स्वच्छता जैसी अच्छी आदतों को जीवन में अपनाना और आसपास होने वाली गतिविधियों को समझने की जिज्ञासा विकसित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी चीज को देखकर उसके बारे में सवाल करना और उसके पीछे के कारणों को जानने की आदत भविष्य में बहुत उपयोगी साबित होती है।
अखबार पढ़ने और किताबों से दोस्ती की दी सलाह
जिलाधिकारी ने छात्राओं को जागरूक रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अपने आसपास के वातावरण में होने वाले बदलावों और उनके कारणों को समझने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने, पुस्तकों का अध्ययन करने और कंप्यूटर का उपयोग ज्ञान बढ़ाने के लिए करने की सलाह दी।
डीएम ने सोशल मीडिया के अनावश्यक इस्तेमाल से दूरी बनाए रखने और अपना अधिक से अधिक समय पढ़ाई एवं ज्ञानवर्धन में लगाने पर जोर दिया।
कक्षा में पहुंचकर स्मार्ट बोर्ड का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कक्षाओं में पहुंचे और छात्राओं से उनकी पढ़ाई के बारे में बातचीत की। उन्होंने स्मार्ट बोर्ड का संचालन छात्राओं से स्वयं करवाकर देखा और विद्यालय में डिजिटल माध्यम से हो रही पढ़ाई की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान और डिजिटल कौशल विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया।

साफ-सफाई और सड़क व्यवस्था सुधारने के निर्देश
विद्यालय परिसर की साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने खंड विकास अधिकारी को विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही विद्यालय परिसर की सड़क पर आवश्यकता के अनुसार इंटरलॉकिंग कार्य कराने के निर्देश भी दिए, ताकि छात्राओं को आवागमन में परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक सहित संबंधित अधिकारी, विद्यालय के शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











