Barabanki News: नगर कोतवाली के मंझपुरवा में कथित बिजली चोरी के लिए लगाई गई कटिया से दर्दनाक हादसा।
करंट की चपेट में आने से 42 वर्षीय शंभू यादव की मौत।
परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में बिजली चोरी के लिए कथित तौर पर लगाए गए कटिया के तार ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नगर कोतवाली क्षेत्र के मंझपुरवा में मंगलवार सुबह खुले बिजली के तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से 42 वर्षीय शंभू यादव की मौत हो गई। मृतक के भाई ने नगर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर निर्माणाधीन मकान के मालिक पर अवैध रूप से बिजली चोरी के लिए कटिया डालने और करंट प्रवाहित तार को खुले में छोड़ने का आरोप लगाया है।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक अपने पीछे पत्नी और दो पुत्रों को छोड़ गए हैं। परिजनों ने पुलिस से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फूल तोड़ने घर से निकले थे मृतक शंभू यादव
नगर कोतवाली क्षेत्र के मंझपुरवा निवासी रमाशंकर यादव पुत्र हजारी लाल यादव ने पुलिस को दी गई लिखित तहरीर में बताया कि उनके भाई शंभू यादव (42 वर्ष) मंगलवार सुबह करीब 8 बजे फूल तोड़ने के लिए घर से बाहर निकले थे।
परिजनों के मुताबिक, घर के पास ही अरविंद कुमार तिवारी और अर्चना तिवारी का मकान निर्माणाधीन है। निर्माणाधीन मकान के सामने बिजली का खंभा भी मौजूद है।
रमाशंकर यादव का आरोप है कि निर्माणाधीन मकान में बिजली चोरी के लिए कथित तौर पर खंभे से कटिया डालकर तार खींचा गया था। आरोप है कि यह तार खुले में पड़ा हुआ था और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था।

कई लोगों ने तार हटाने को कहा, फिर भी नहीं हटाया गया—परिजनों का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि खुले पड़े करंट प्रवाहित तार को हटाने के लिए आसपास के कई लोगों ने संबंधित लोगों से कहा था, लेकिन इसके बावजूद तार को नहीं हटाया गया।
परिजनों का दावा है कि मंगलवार सुबह शंभू यादव जब उसी खंभे के पास स्थित पेड़ से फूल तोड़ने का प्रयास कर रहे थे, तभी वह कथित तौर पर करंट प्रवाहित खुले तार की चपेट में आ गए।
करंट लगने के बाद शंभू गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें तत्काल बाराबंकी जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे।

जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
परिजनों के अनुसार, शंभू यादव को गंभीर हालत में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के मुताबिक मृतक शंभू मिठाई के कारीगर थे और बड़ेल चौराहे पर स्थित दरबारी समोसा भंडार पर मिठाई बनाने का कार्य करते थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। अचानक हुई इस घटना से पत्नी और दोनों पुत्रों सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस को दी तहरीर, आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद मृतक के भाई रमाशंकर यादव ने नगर कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर देकर मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
तहरीर में अरविंद कुमार तिवारी और अर्चना तिवारी पर कथित रूप से बिजली चोरी के लिए कटिया डालने, करंट प्रवाहित तार को खुले में छोड़ने और उसे न हटाने के आरोप लगाए गए हैं।
एक परिवार ने खोया अपना सहारा, अब जांच पर टिकी निगाहें
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि खुले और असुरक्षित बिजली तारों से पैदा होने वाले खतरे पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि परिजनों के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कथित रूप से खुले करंट प्रवाहित तार को हटाने के लिए समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
अब पूरे मामले में पुलिस जांच और विद्युत विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जांच के बाद ही यह तय होगा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कौन-सी वैधानिक कार्रवाई की जाती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











