Barabanki News: बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में युवक ने दो सिपाहियों पर गिरेबान पकड़कर सरेआम घसीटने, गाली-गलौज करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 01 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। क्षेत्र के एक युवक ने सुबेहा थाने में तैनात दो सिपाहियों पर सरेआम गिरेबान पकड़कर घसीटने, गाली-गलौज करने, सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में पुलिस के व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जुमे की नमाज़ के दौरान घर पहुंचे फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी
पीड़ित मोहम्मद फिरोज, निवासी ग्राम इस्माइलपुर, थाना सुबेहा, ने बताया कि उसने कुछ समय पहले एक मोबाइल फाइनेंस पर खरीदा था। शुक्रवार दोपहर वह जुमे की नमाज़ अदा करने मस्जिद गया हुआ था।
इसी दौरान फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बकाया किस्त के संबंध में उसके घर पहुंचे और उसकी पत्नी से पूछताछ करने लगे। जब नमाज़ के बाद वह घर लौटा तो इसी बात को लेकर उसकी पत्नी से कहासुनी होने लगी।
“बिना शिकायत के ही सिपाहियों ने शुरू कर दी अभद्रता”
मोहम्मद फिरोज का आरोप है कि इसी दौरान वहां से गुजर रहे सुबेहा थाने के सिपाही अमीन मोहम्मद और विष्णु मौके पर पहुंच गए। पीड़ित का कहना है कि बिना किसी शिकायत, सूचना या विवाद की जानकारी लिए दोनों पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।
फिरोज के अनुसार जब उसने विरोध किया तो दोनों सिपाहियों ने उसका गिरेबान पकड़ लिया और सड़क तक घसीटते हुए ले गए। इस दौरान उसे भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।
“कोई शिकायत है?” पूछने पर मिला चौंकाने वाला जवाब
पीड़ित का कहना है कि उसने सिपाहियों से पूछा कि क्या उनके पास उसके खिलाफ कोई शिकायत, सूचना या लिखित आवेदन है, जिसके आधार पर वे उसके साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं।
आरोप है कि इस पर दोनों सिपाहियों ने कहा कि “हमें किसी शिकायत या एप्लिकेशन की जरूरत नहीं है, हम जैसे चाहें वैसे कार्रवाई कर सकते हैं।”
पीड़ित के मुताबिक इस दौरान उसकी शर्ट फट गई और उसके बटन भी टूट गए। घटना के दौरान गांव के कई लोग मौके पर एकत्र हो गए थे।
झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी का भी आरोप
मोहम्मद फिरोज का आरोप है कि जब उसकी पत्नी और ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों की इस कार्रवाई का विरोध किया तो दोनों सिपाही और अधिक आक्रामक हो गए।
पीड़ित के अनुसार सिपाहियों ने धमकी देते हुए कहा कि यदि इस घटना की शिकायत कहीं की गई तो किसी गंभीर आपराधिक मुकदमे में फंसाकर जेल भेज देंगे, जिससे पूरा परिवार जीवनभर परेशान रहेगा।
वीडियो बनते ही मौके से निकल गए सिपाही
पीड़ित का कहना है कि जब उसने अपने मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया तो दोनों सिपाही अपनी मोटरसाइकिल पर बैठकर मौके से चले गए।
घटना के बाद से पीड़ित और उसका परिवार खुद को भयभीत महसूस कर रहा है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई शिकायत
मोहम्मद फिरोज ने पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई है। उसने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।
पीड़ित का कहना है कि यदि पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आम लोगों का कानून और पुलिस व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि शिकायत के बाद विभागीय जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












