Lucknow News: राजधानी लखनऊ के तालकटोरा क्षेत्र में 9वीं की नाबालिग छात्रा से कथित यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म के आरोप में कोचिंग शिक्षक विवेक तिवारी गिरफ्तार।
पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, कोचिंग संचालक की भूमिका की भी जांच जारी।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 30 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र से शिक्षा जगत को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजाजीपुरम स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर के शिक्षक पर 9वीं कक्षा की 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म, यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत मिलने के बाद तालकटोरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक विवेक तिवारी (30 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले में कोचिंग सेंटर संचालक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसकी जांच जारी है।
एक साल तक छात्रा का कथित शारीरिक और मानसिक शोषण
पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार उनकी 14 वर्षीय बेटी, जो 9वीं कक्षा की छात्रा है, पिछले करीब एक वर्ष से आरोपी शिक्षक के संपर्क में थी। आरोप है कि शिक्षक ने समय-समय पर छात्रा को बहला-फुसला कर शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए छात्रा के साथ अश्लील बातचीत की और उन चैट्स का उपयोग कर उसे ब्लैकमेल भी किया।
परिजनों का कहना है कि आरोपी छात्रा को धमकाता था कि यदि उसने किसी को इस बारे में बताया तो उसके लिए गंभीर परिणाम होंगे। इसी भय के कारण छात्रा लंबे समय तक चुप रही।
सोशल मीडिया पर अश्लील चैटिंग, घर से पैसे और सोने की अंगूठी भी मंगवाई
शिकायत के अनुसार आरोपी शिक्षक छात्रा से सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार संपर्क में रहता था। आरोप है कि वह अश्लील चैटिंग करता था और छात्रा पर मानसिक दबाव बनाकर उससे आपत्तिजनक बातचीत करता था।
इतना ही नहीं, आरोपी ने कथित रूप से छात्रा को बहला-फुसलाकर उसके अपने ही घर से नकदी और सोने की अंगूठी चोरी कर लाने के लिए भी मजबूर किया। पीड़िता की मां का आरोप है कि बेटी भय और दबाव के कारण आरोपी की बात मानती रही।
शिकायत करने पहुंचे परिजनों को मिली धमकी
जब परिजनों को पूरे मामले की जानकारी हुई तो वे कोचिंग सेंटर संचालक के पास शिकायत लेकर पहुंचे। लेकिन न्याय दिलाने के बजाय संचालक ने कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।
परिजनों का आरोप है कि संचालक ने गाली-गलौज की, धमकी दी और मामले को दबाने का प्रयास किया। इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से संपर्क कर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी शिक्षक गिरफ्तार
28 जुलाई 2026 को तालकटोरा थाने में लिखित तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान मुख्य आरोपी विवेक तिवारी, निवासी मवइया, आलमबाग, को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, यौन अपराधों से संबंधित अन्य धाराओं तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
कोचिंग संचालक की भूमिका भी जांच के घेरे में
तालकटोरा पुलिस का कहना है कि मामले में केवल शिक्षक ही नहीं बल्कि कोचिंग संचालक की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में यह साबित होता है कि संचालक ने घटना की जानकारी होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की या मामले को दबाने का प्रयास किया, तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, सोशल मीडिया चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
छात्राओं की सुरक्षा पर फिर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान को अभिभावक अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और सुरक्षित शिक्षा का केंद्र मानते हैं, वहीं इस तरह के आरोप सामने आना बेहद चिंताजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोचिंग संस्थानों में नियमित निगरानी, सख्त सत्यापन प्रक्रिया और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
वहीं अभिभावकों और विद्यार्थियों से भी अपील की जा रही है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, धमकी या उत्पीड़न की जानकारी तुरंत परिवार और पुलिस को दें, ताकि ऐसी घटनाओं पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
रिपोर्ट – नौमान माजिद










