Barabanki News: बाराबंकी में चांदी के कारीगर ने ज्वैलर्स पर ₹4.80 लाख के लेनदेन और गिरवी रखे सोने-चांदी के जेवर हड़पने का आरोप लगाया।
पुलिस कार्रवाई न होने पर सीजेएम कोर्ट ने तीन नामजद समेत अन्य के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया।
मामले में 10 अगस्त को वादी के बयान होंगे।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 28 जुलाई 2026
बाराबंकी में चांदी छिलाई का काम करने वाले एक कारीगर द्वारा स्थानीय ज्वैलर्स संचालक पर लाखों रुपये के लेनदेन और गिरवी रखे सोने-चांदी के जेवरात हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस से कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट संख्या-18, बाराबंकी ने ज्वैलर्स संचालक समेत तीन नामजद और 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए वादी के बयान दर्ज करने के लिए 10 अगस्त 2026 की तिथि निर्धारित की है।
चांदी के कारीगर ने कोर्ट में सुनाई पूरी आपबीती
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट संख्या-18, बाराबंकी में दाखिल प्रार्थना-पत्र के अनुसार वादी तेज नारायण पुत्र शिव कुमार, निवासी मोहल्ला आर/414, रसूलपुर, थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी, घण्टाघर के पास चांदी छिलाई का कार्य करते हैं।
वादी ने बताया कि लगभग दो वर्ष पहले अपने ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उसने श्रीकृष्णा ज्वैलर्स के संचालक सचिन सोनी से करीब ₹4,80,000 दो प्रतिशत ब्याज पर लिए थे। इसके बदले सुरक्षा के रूप में उसने ग्राहकों के 3 किलो 483 ग्राम चांदी के जेवर तथा 98.110 ग्राम सोने के जेवर गिरवी रखे थे।
“रुपये लौटाने को तैयार हूं, लेकिन जेवर वापस नहीं दिए जा रहे”
प्रार्थना-पत्र में वादी ने कहा है कि वह ग्राहकों के जेवर वापस करने के लिए मूलधन और ब्याज सहित पूरी रकम लौटाने को तैयार है, लेकिन आरोपित लगातार टालमटोल कर रहे हैं और गिरवी रखे जेवर वापस नहीं कर रहे।
वादी का आरोप है कि जब उसने जानकारी की तो पता चला कि संबंधित व्यक्ति के पास सूद का वैध लाइसेंस भी नहीं है। आरोप है कि वह लोगों के जेवर गिरवी रखकर उन्हें हड़पने का काम करता है।
तेज नारायण का कहना है कि हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आने के बाद आरोपित की नीयत बदल गई और उसने कथित रूप से जेवर वापस करने से साफ इनकार कर दिया।

दुकान पर पहुंचकर धमकी देने का भी आरोप
परिवाद के अनुसार, 17 मई 2026 की शाम करीब 4 बजे सचिन सोनी, प्रियांशू सोनी, युवराज सोनी तथा 3-4 अन्य लोग वादी की घण्टाघर स्थित दुकान पर पहुंचे।
वादी का आरोप है कि आरोपितों ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जान से मारने की धमकी दी और कहा कि वह गिरवी रखे जेवर भूल जाए। साथ ही आरोपितों ने जेवर वापस देने से भी इनकार कर दिया।
वादी ने आरोप लगाया है कि उसके साथ छल, कपट, कूटरचना और षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी की गई है।
पुलिस से कार्रवाई न होने पर कोर्ट पहुंचे पीड़ित
वादी ने दावा किया कि उसने इस मामले की शिकायत पुलिस से भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा सिंह ने परिवाद दर्ज करने का आदेश पारित किया।
10 अगस्त को दर्ज होंगे वादी के बयान
न्यायालय ने मामले को परिवाद के रूप में पंजीकृत करते हुए बीएनएसएस की धारा 223 के तहत वादी के बयान दर्ज करने के लिए 10 अगस्त 2026 की तिथि निर्धारित की है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद










