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Barabanki News: खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 500 रुपये में यूरिया बेचने के आरोप में खाद विक्रेता पर मुकदमा दर्ज, मचा हड़कंप

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Barabanki News: बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन।

भैरमपुर स्थित खाद विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR दर्ज।

जांच में 500 रुपये प्रति बोरी यूरिया बेचने, स्टॉक में गड़बड़ी और नियम उल्लंघन की पुष्टि।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 24 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया बेचने और उर्वरक की कथित कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की स्वीकृति के बाद जिला कृषि अधिकारी राजितराम की तहरीर पर रामनगर थाने में भैरमपुर स्थित मेसर्स अब्दुल हाई खाद भंडार के संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।

प्रशासनिक जांच में यूरिया की कालाबाजारी, स्टॉक में भारी गड़बड़ी और उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन के गंभीर आरोप सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

किसानों की शिकायत पर प्रशासन ने की संयुक्त छापेमारी

जिला कृषि अधिकारी द्वारा रामनगर थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को किसानों द्वारा यूरिया अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायत मिलने पर उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी राजितराम, नोडल अधिकारी डॉ. दलबीर सिंह तथा कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने भैरमपुर स्थित मेसर्स अब्दुल हाई खाद भंडार का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान दुकान की पीओएस मशीन सर्वर संबंधी समस्या के कारण स्टॉक प्रदर्शित नहीं कर सकी। इसके बाद टीम ने दुकान और गोदाम दोनों का भौतिक सत्यापन किया।

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स्टॉक में भारी गड़बड़ी, रिकॉर्ड से नहीं मिला हिसाब

निरीक्षण के दौरान दुकान पर 110 बोरी डीएपी तथा लगभग 200 मीटर दूर स्थित गोदाम में 200 बोरी डीएपी रखी मिली।

जबकि आईएफएमएस पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार 23 जुलाई को विक्रेता के पास केवल 100 बोरी यूरिया और128 बोरी डीएपी का स्टॉक होना चाहिए था।

लेकिन मौके पर कुल 310 बोरी डीएपी मिली, जबकि यूरिया की एक भी बोरी उपलब्ध नहीं पाई गई।

यानी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया।

किसानों ने लिखित बयान देकर लगाए गंभीर आरोप

निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद किसानों ने प्रशासन के सामने लिखित बयान देकर खाद विक्रेता पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने का आरोप लगाया

किसान वीरेंद्र पुत्र रामदुलारे, निवासी मथुरा, मिटौली, सूरतगंज ने लिखित बयान में बताया कि उन्हें विक्रेता द्वारा 3 बोरी यूरिया 500 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची गई।

वहीं किसान समर सिंह पुत्र ननकऊ, निवासी मथुरा भिटौली, सूरतगंज ने भी लिखित बयान में बताया कि दुकान पर यूरिया 500 रुपये प्रति बोरी बेची जा रही थी।

उन्होंने बताया कि उन्होंने मोबाइल के माध्यम से 1000 रुपये का ऑनलाइन भुगतान भी किया है, जिसका रिकॉर्ड उन्होंने जांच टीम को उपलब्ध कराया।

विक्रेता नहीं दे सका संतोषजनक जवाब

निरीक्षण के दौरान विक्रेता ने दावा किया कि वह किसानों को 266.50 रुपये प्रति बोरी की सरकारी दर पर ही यूरिया बेचता है।

साथ ही उसने यह भी कहा कि गोदाम में रखी 200 बोरी डीएपी का पीओएस मशीन में अभी तक एक्नॉलेजमेंट प्राप्त नहीं हुआ है।

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विक्रेता ने यह भी बताया कि उसने उसी दिन 56 बोरी यूरिया किसानों को वितरित कर दी थी, लेकिन शेष 44 बोरी यूरिया कहां गई, इसका वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका।

गोदाम किया गया सील

रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम ने दुकान और गोदाम में उपलब्ध उर्वरक को सील कर दिया।

सील किए गए स्टॉक को सुरक्षा की दृष्टि से विक्रेता के पुत्र अब्दुल साजिद की अभिरक्षा में सौंपा गया।

उर्वरक नियंत्रण आदेश के उल्लंघन की पुष्टि

जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि:

  • किसानों के लिखित बयान,
  • ऑनलाइन भुगतान के साक्ष्य,
  • स्टॉक में अंतर,
  • निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री,

से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट होता है कि विक्रेता द्वारा उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश-1985 का उल्लंघन किया गया है।

साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत यह दंडनीय अपराध बनता है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज हुई एफआईआर

जिला कृषि अधिकारी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मेसर्स अब्दुल हाई खाद भंडार, भैरमपुर के संचालक अब्दुल हाई पुत्र अब्दुल लतीक निवासी ग्राम भैरमपुर, विकासखंड सूरतगंज, तहसील रामनगर, जनपद बाराबंकी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रशासन सख्त

बाराबंकी में खरीफ सीजन के दौरान खाद की कमी और कालाबाजारी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि किसानों का शोषण करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि यदि कोई भी दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचता है या जबरन टैगिंग करता है, तो इसकी तत्काल सूचना कृषि विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को दें।

रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी 

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Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

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