Barabanki News: बाराबंकी के रामनगर विधायक हाजी फरीद महफूज किदवाई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास प्रस्तावों को लेकर लगाए आरोपों का जवाब देते हुए 180 विकास प्रस्तावों की प्रतियां सार्वजनिक कीं।
प्रेस वार्ता में उन्होंने महादेवा, बुढ़वल चीनी मिल और महिला पॉलिटेक्निक समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 22 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महादेवा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान के बाद सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के इस आरोप कि “रामनगर विधायक ने क्षेत्र के विकास के लिए कभी कोई प्रस्ताव नहीं भेजा” पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और रामनगर विधायक हाजी फरीद महफूज किदवाई ने तीखा पलटवार किया है।
जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक ने दावा किया कि उन्होंने अब तक लगभग 180 विकास प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। उन्होंने इन प्रस्तावों की प्रतियां पत्रकारों के सामने प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री के बयान को “पूरी तरह असत्य और निराधार” बताया।
“मुख्यमंत्री के बयान से मुझे गहरी ठेस पहुंची” – फरीद महफूज किदवाई
जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक फरीद महफूज किदवाई ने कहा कि 20 जुलाई को महादेवा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से उन पर जो आरोप लगाए, वे तथ्यों से परे हैं।
उन्होंने कहा कि रामनगर के विधायक के रूप में उन्होंने विधानसभा के प्रश्नकाल, विभिन्न विभागों को पत्राचार और अन्य माध्यमों से लगातार विकास संबंधी प्रस्ताव शासन को भेजे हैं।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के सार्वजनिक बयान से उन्हें व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तर पर गहरी पीड़ा पहुंची है, इसलिए उन्होंने सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने का निर्णय लिया।
बुढ़वल चीनी मिल, धन्नाग तीर्थ और महिला पॉलिटेक्निक समेत कई मुद्दे उठाने का दावा
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने बताया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए शासन का ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने—
- बुढ़वल चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग विधानसभा में उठाई।
- धन्नाग तीर्थ स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए रैन बसेरा और स्नान तालाब के विकास का प्रस्ताव दिया।
- कुर्सी स्थित महिला पॉलिटेक्निक की जर्जर स्थिति और उसके पुनर्संचालन का मुद्दा उठाया।
- क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं से जुड़े अनेक प्रस्ताव शासन को भेजे।
उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों पर आज तक सरकार ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की।
“महादेवा में रैन बसेरा और तालाब की सफाई सबसे पहले मैंने कराई”
फरीद महफूज किदवाई ने दावा किया कि महादेवा धाम में आज जो रैन बसेरा मौजूद है, उसका निर्माण उनके विधायक कार्यकाल में कराया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर परिसर स्थित तालाब की सफाई का कार्य भी सबसे पहले उनके प्रयासों से कराया गया था।
उन्होंने कहा कि जब वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, तब उन्होंने विकास कार्यों की शुरुआत कराई थी।
“जनता और मीडिया तय करें सच क्या है”
विधायक ने प्रेस वार्ता में कहा कि उन्होंने अपने सभी विकास प्रस्तावों की प्रतियां सार्वजनिक कर दी हैं। अब जनता और मीडिया स्वयं तय करें कि मुख्यमंत्री का आरोप सही है या उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज।
उन्होंने कहा कि उन्हें बाराबंकी की विभिन्न विधानसभा सीटों से छह बार विधायक बनने का अवसर मिला और उन्होंने हमेशा क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी।
कई वरिष्ठ सपा नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज अहमद, प्रदेश सचिव लल्लन वर्मा, मौलाना असलम, सुरेश चंद गौतम, राष्ट्रीय प्रवक्ता फैजान किदवाई, जिला प्रवक्ता वीरेंद्र प्रधान, जिला कोषाध्यक्ष प्रीतम सिंह वर्मा, जिला उपाध्यक्ष विजय यादव, कामता प्रसाद यादव, जसवंत सिंह यादव, रिजवान, संजय, जयसी राम यादव और अजीत यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान अली











