Barabanki News: मसौली थाना क्षेत्र में बिजली विभाग के अवर अभियंता को रिश्वत देने का प्रयास।
इंकार पर स्टिंग ऑपरेशन और खबर प्रकाशित कर बदनाम करने की धमकी।
दो कथित पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 14 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पत्रकारिता की आड़ में कथित ब्लैकमेलिंग और उगाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मसौली थाना क्षेत्र में बिजली विभाग के एक अवर अभियंता (JE) की शिकायत पर पुलिस ने खुद को पत्रकार बताने वाले दो व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि दोनों ने बिजली कनेक्शन दिलाने के बहाने पहले रिश्वत देने का प्रयास किया और जब अवर अभियंता ने मना कर दिया तो स्टिंग ऑपरेशन कर जेल भिजवाने, नौकरी से निकलवाने तथा समाचार प्रकाशित कर बदनाम करने की धमकी दी।
मसौली पुलिस द्वारा दर्ज इस मुकदमे ने पत्रकारिता की आड़ में कथित उगाही के नेटवर्क पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिजली कनेक्शन के बहाने शुरू हुआ पूरा खेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मसौली विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता लाल जी सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 6 जुलाई 2026 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को एक परियोजना से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए रो-हाउस (Row House) परियोजना के लिए विद्युत कनेक्शन लेने की बात कही और मिलने का समय मांगा।
दोनों पक्षों के बीच 10 जुलाई को मिलने का समय तय हुआ।
निर्धारित तिथि पर दो व्यक्ति मसौली विद्युत उपकेंद्र पहुंचे। उन्होंने भूमि की खतौनी सहित कुछ दस्तावेज दिखाए और परियोजना के लिए विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। दस्तावेज दिखाने के बाद दोनों वहां से चले गए।
दोबारा पहुंचे, दस्तावेज सौंपे और फिर रिश्वत का दिया प्रस्ताव
अवर अभियंता के अनुसार, इसके बाद दोनों व्यक्ति पुनः विद्युत उपकेंद्र पहुंचे और विभिन्न दस्तावेज उपलब्ध कराए।
इनमें शामिल थे—
- खतौनी की प्रति
- राजकुमार पुत्र माताप्रसाद का आधार कार्ड
- राजकुमार एवं मोहम्मद आदिल खान के बीच हुए एग्रीमेंट की प्रति
- परियोजना के लिए विद्युत कनेक्शन एवं ट्रांसफार्मर स्थापना संबंधी आवेदन
- अर्बन डोर इंफ्राटेक प्रा. लि. के डायरेक्टर मोहम्मद आदिल खान की मुहर और हस्ताक्षरयुक्त आवेदन
- परियोजना का ले-आउट प्लान
शिकायत के अनुसार दस्तावेज सौंपने के बाद दोनों व्यक्तियों ने कार्य जल्द कराने के लिए रिश्वत देने का प्रस्ताव रखा।
रिश्वत लेने से इंकार किया तो दिखाई पत्रकारिता की धौंस
अवर अभियंता लाल जी सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने रिश्वत लेने से साफ इंकार कर दिया तो दोनों व्यक्तियों ने अपना परिचय पत्रकार के रूप में दिया।
शिकायत के मुताबिक दोनों ने “न्यूज एक्सप्रेस लाइव” के पहचान पत्र (आई-कार्ड) दिखाते हुए कहा कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो वे स्टिंग ऑपरेशन करेंगे।
इतना ही नहीं, आरोप है कि दोनों ने—जेल भिजवाने, नौकरी से निकलवाने, विभागीय अधिकारियों को बदनाम करने और समाचार प्रकाशित कर छवि खराब करने की धमकी भी दी।
JE ने दिखाई सूझबूझ, सहकर्मियों की मदद से रोका
अवर अभियंता ने तत्काल अपने सहयोगी जेई विशाल वर्मा तथा संविदा कर्मचारियों की मदद से दोनों व्यक्तियों को मौके पर ही रोक लिया।
इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही मसौली कस्बा प्रभारी विपिन सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को हिरासत में लेकर थाने ले गए।
पूछताछ में सामने आए गंभीर आरोप
पुलिस पूछताछ के दौरान कथित पत्रकारों की गतिविधियों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
एफआईआर के अनुसार दोनों व्यक्तियों पर आरोप है कि वे बिजली विभाग में कवरेज और रिपोर्टिंग के नाम पर अधिकारियों पर मानसिक दबाव बनाते थे।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों विभागीय अधिकारियों के खिलाफ तथ्यहीन एवं भ्रामक समाचार प्रकाशित करने की धमकी देकर उन्हें डराने और अनुचित लाभ लेने का प्रयास करते थे।
इन दोनों पर दर्ज हुआ मुकदमा
अवर अभियंता लाल जी सिंह की लिखित तहरीर के आधार पर मसौली पुलिस ने—
- सोहेल अहमद सिद्दीकी पुत्र सलाहुद्दीन सिद्दीकी, निवासी 5/120 विराजखंड, गोमतीनगर, लखनऊ
- किशन सिंह पुत्र जयकरण सिंह, निवासी गौरा डॉड
के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस कर रही मामले की गहन जांच
मसौली पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आते हैं या किसी और की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद











