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बाराबंकी में सरकारी डॉक्टरों की ‘कमीशनखोरी’ उजागर: भाजपा नेता ने VIDEO बनाकर खोली पोल, मचा हड़कंप

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बाराबंकी के संयुक्त चिकित्सालय सिरौली गौसपुर का वीडियो वायरल।

भाजपा नेता प्रहलाद कनौजिया ने सरकारी अस्पताल में कमीशनखोरी और बाहर की दवाएं लिखने का आरोप लगाया।

मरीजों से बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 29 जून 2026

उत्तर प्रदेश सरकार भले ही सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और मुफ्त दवाओं के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले से सामने आए एक वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकारी अस्पतालों में कथित कमीशनखोरी और बाहर की दवाएं लिखने का आरोप किसी विपक्षी नेता ने नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला प्रतिनिधि ने स्वयं लगाया है।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में भाजपा नेता मरीजों से बातचीत करते हुए सरकारी अस्पतालों की हकीकत उजागर करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

मरीज से पूछा- ‘500 रुपये की दवा खरीदनी थी तो सरकारी अस्पताल क्यों आए?’

पूरा मामला बाराबंकी जिले के बदोसराय क्षेत्र स्थित संयुक्त चिकित्सालय सिरौली गौसपुर का है। वायरल वीडियो में भाजपा जिला प्रतिनिधि प्रहलाद कनौजिया अस्पताल पहुंचे हैं और मरीजों से सीधे बातचीत कर रहे हैं।

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इस दौरान वह एक मरीज से पूछते हैं कि “कितने रुपये की दवा लाए हो?” मरीज जवाब देता है कि उसने उधार लेकर 500 रुपये की दवा खरीदी है।

इस पर भाजपा नेता कहते हैं—

“जब 500 रुपये की दवा खरीदनी ही थी तो फिर प्राइवेट डॉक्टर के पास चले जाते, सरकारी अस्पताल काहे आए? सरकार ने अस्पताल में 350 तरह की दवाइयों की व्यवस्था की है।”

मरीज के हाथ में बाहर की दवाएं और पर्ची दिखाकर लगाए गंभीर आरोप

वीडियो में भाजपा नेता एक अन्य मरीज के हाथ में मौजूद दवाइयों और डॉक्टर द्वारा लिखी गई पर्ची भी दिखाते हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सब कमीशनखोरी के कारण हो रहा है।

भाजपा नेता मरीजों से कहते हैं—

“डॉक्टर को साफ बता दिया करो कि हमारे पास पैसा नहीं है। अगर पैसा होता तो हम सरकारी अस्पताल क्यों आते?”

इसके बाद वह अस्पताल में मिलने वाली सरकारी सुविधाओं और मरीजों के अधिकारों के बारे में भी लोगों को जानकारी देते दिखाई देते हैं।

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स्वास्थ्य विभाग के दावों पर उठे सवाल

करीब 2 मिनट 24 सेकंड के इस वीडियो ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि सरकारी अस्पतालों में दवाएं उपलब्ध हैं, तो फिर मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है?

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक लगातार सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और मुफ्त दवा वितरण के दावे करते रहे हैं।

वीडियो वायरल, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब तक मौन

भाजपा नेता द्वारा लगाए गए आरोपों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

हालांकि, खबर लिखे जाने तक जिला स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन की ओर से वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और मुफ्त दवा योजना पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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