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बाराबंकी की इस नगर पंचायत का ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल बना मिसाल: चायपत्ती और अंडों के छिलकों से तैयार हो रही जैविक खाद, DM ने की अनोखी पहल की सराहना

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बाराबंकी की नगर पंचायत बंकी ने चायपत्ती और अंडों के छिलकों से जैविक खाद तैयार करने की अनोखी पहल शुरू की है।

‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल के तहत तैयार खाद की बिक्री भी शुरू हो गई है।

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने नवाचार की सराहना की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 24 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की नगर पंचायत बंकी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) के क्षेत्र में एक अभिनव पहल कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई मिसाल पेश की है। नगर पंचायत द्वारा चाय की दुकानों से निकलने वाली प्रयुक्त चायपत्ती और अंडों के छिलकों को एकत्रित कर एमआरएफ (Material Recovery Facility) सेंटर पर वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्कृत किया जा रहा है। इससे तैयार हो रही जैविक खाद न केवल कचरे के बेहतर निस्तारण का उदाहरण है, बल्कि ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (कचरे से संपदा) की अवधारणा को भी साकार कर रही है।

चायपत्ती और अंडों के छिलकों से तैयार हो रही पर्यावरण अनुकूल खाद

नगर पंचायत बंकी द्वारा संचालित इस पहल के तहत स्थानीय चाय दुकानों और अन्य स्रोतों से निकलने वाले जैविक कचरे को अलग-अलग एकत्रित किया जाता है। इसके बाद एमआरएफ सेंटर में वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से उसे जैविक खाद में परिवर्तित किया जाता है।

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इस खाद का उपयोग नगर पंचायत की नर्सरी और विभिन्न हरित परियोजनाओं में किया जा रहा है, जहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह खाद पौधों की वृद्धि और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में काफी लाभकारी साबित हो रही है।

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने की पहल की सराहना

नगर पंचायत बंकी की अधिशासी अधिकारी मोहिनी केसरवानी ने जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह से मुलाकात कर उन्हें इस नवाचार की जानकारी दी और नगर पंचायत द्वारा तैयार की गई जैविक खाद का पैकेट भी भेंट किया।

जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह “वेस्ट टू वेल्थ” मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलकर न केवल स्वच्छता अभियान को मजबूती मिल रही है, बल्कि स्थानीय निकायों के लिए आय के नए स्रोत भी विकसित हो रहे हैं।

कचरे से आय सृजन का भी बन रहा माध्यम

नगर पंचायत द्वारा तैयार की गई जैविक खाद की मांग लगातार बढ़ रही है। अब तक लगभग 1500 रुपये मूल्य की खाद का विक्रय किया जा चुका है, जबकि कई लोगों ने इसकी अग्रिम बुकिंग भी कराई है।

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नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में खाद उत्पादन और बिक्री का दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।

घर और बगीचे के लिए उपलब्ध है जैविक खाद

नगर पंचायत बंकी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों, बगीचों और पौधों के लिए इस जैविक खाद का उपयोग करें। इच्छुक लोग नगर पंचायत कार्यालय से संपर्क कर खाद प्राप्त कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जैविक खाद के उपयोग से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।

नागरिकों से हरे कचरे के पृथक्करण की अपील

अधिशासी अधिकारी मोहिनी केसरवानी ने क्षेत्र के दुकानदारों और नागरिकों से अपील की है कि वे हरे कचरे को इधर-उधर न फेंकें तथा कचरे के पृथक्करण और उचित निस्तारण में सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही स्वच्छता अभियान को सफल बनाया जा सकता है। यदि लोग जैविक और अजैविक कचरे को अलग-अलग जमा करें, तो ऐसे नवाचारों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

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स्वच्छ और हरित वातावरण की दिशा में बड़ा कदम

नगर पंचायत बंकी की यह पहल न केवल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का सफल मॉडल बन रही है, बल्कि अन्य स्थानीय निकायों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। कचरे को बोझ नहीं बल्कि संसाधन मानने की सोच भविष्य में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

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