बाराबंकी के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के परीवां गांव में गैस सिलेंडर से रिसाव के कारण भीषण आग लग गई।
हादसे में दो घर जलकर राख हो गए, जबकि आग बुझाने के प्रयास में तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 18 जून 2026
बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र स्थित परीवां गांव में गुरुवार शाम गैस सिलेंडर से रिसाव होने के कारण भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दो घरों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया, जबकि आग बुझाने के प्रयास में तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।
खाना बनाते समय शुरू हुआ गैस रिसाव, कुछ ही मिनटों में भड़क उठी आग
जानकारी के अनुसार परीवां गांव निवासी आरती गुरुवार शाम करीब पांच बजे अपने घर में खाना बना रही थीं। इसी दौरान गैस सिलेंडर से रिसाव शुरू हो गया। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आग ने पूरे छप्परनुमा मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों के अनुसार तेज हवा और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और पड़ोसी पवन के घर तक पहुंच गई। कुछ ही देर में दोनों घर आग की लपटों में घिर गए।
सिलेंडर फटने से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के दौरान सिलेंडर में विस्फोट हो गया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। धमाके की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसे नियंत्रित करना आसान नहीं था।

आग बुझाने के दौरान तीन लोग गंभीर रूप से झुलसे
आग पर काबू पाने के प्रयास के दौरान प्रमोद, रामू और जीतू आग की चपेट में आ गए। तीनों गंभीर रूप से झुलस गए, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया।
घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
लाखों का सामान, नकदी और जेवरात जलकर राख
भीषण आग की वजह से दोनों घरों में रखा घरेलू सामान, फर्नीचर, कपड़े, नकदी और जेवरात पूरी तरह जल गए। ग्रामीणों के अनुसार पीड़ित परिवारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही मिनटों में दोनों मकान पूरी तरह राख में तब्दील हो गए।
फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया और आसपास के अन्य मकानों तक आग फैलने से रोक लिया।
यदि समय रहते दमकल विभाग मौके पर नहीं पहुंचता तो आग से और भी बड़ा नुकसान हो सकता था।
नुकसान का आकलन करने में जुटा प्रशासन
घटना के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं और राहत सहायता से संबंधित कार्रवाई की जा रही है।
वहीं गांव के लोग भी पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ितों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने की राहत सहायता की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि आग से प्रभावित परिवारों का लगभग पूरा घरेलू सामान नष्ट हो गया है। ऐसे में प्रशासन को तत्काल राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार सामान्य जीवन में लौट सकें।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











