बाराबंकी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने सिरौली गौसपुर संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया।
अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, दवा उपलब्धता, इमरजेंसी और ओपीडी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
अल्ट्रासाउंड मशीन और टेक्नीशियन की कमी दूर कराने का आश्वासन दिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 जून 2027
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को उन्होंने सिरौली गौसपुर तहसील स्थित संयुक्त चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सकीय सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
अचानक हुए निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में कुछ देर के लिए हलचल मच गई। सीएमओ ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया।
वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी और दवा कक्ष का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने अस्पताल के वार्ड, ओपीडी, इमरजेंसी कक्ष, दवा वितरण केंद्र तथा अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें इलाज, दवाओं और अन्य सुविधाओं के संबंध में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं हो रही है।
सीएमओ ने दवा वितरण काउंटर पर उपलब्ध दवाओं का भी सत्यापन किया और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को आवश्यक दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
इस दौरान संयुक्त चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अजय कुमार सिंह सहित अन्य चिकित्सक, फार्मासिस्ट एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विभाग प्रतिबद्ध
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्राथमिक उद्देश्य आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए जिले के सभी सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को त्वरित और बेहतर उपचार मिल सके, इसके लिए चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें शीघ्र दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अल्ट्रासाउंड मशीन और टेक्नीशियन की कमी बनी बड़ी चुनौती
निरीक्षण के दौरान संयुक्त चिकित्सालय सिरौली गौसपुर में अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध न होने का मुद्दा भी सामने आया। सीएमओ ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में न तो अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध है और न ही प्रशिक्षित टेक्नीशियन की तैनाती है।
उन्होंने कहा कि इसके कारण मरीजों को जांच कराने के लिए निजी केंद्रों या जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर पर अल्ट्रासाउंड मशीन एवं आवश्यक स्टाफ की मांग भेजी जाएगी ताकि भविष्य में स्थानीय मरीजों को बेहतर जांच सुविधाएं मिल सकें।
मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और स्वच्छता पर दिया जोर
सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने अस्पताल के सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर वातावरण और सहज सेवाएं उपलब्ध कराना सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर, वार्डों और शौचालयों में साफ-सफाई की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण मरीजों के स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
नियमित निरीक्षण से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे लगातार निरीक्षणों को लेकर स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। सीएमओ के इस औचक निरीक्षण को भी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद










