Barabanki

बाराबंकी में बदहाल सड़क और जलभराव से फूटा लोगों का गुस्सा: सभासद-चेयरमैन पर सौतेले व्यवहार और भ्रष्टाचार के आरोप

SHARE:

बाराबंकी नगर पालिका परिषद नवाबगंज के असद नगर वार्ड में जलभराव, टूटी सड़क और गंदगी से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

मोहल्लेवासियों ने सभासद, चेयरमैन और नगर पालिका प्रशासन पर सौतेले व्यवहार, भ्रष्टाचार और समस्याओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 26 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की नगर पालिका परिषद नवाबगंज के दशहरा बाग वार्ड नंबर 17 स्थित असद नगर में स्थानीय लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। वर्षों से जलभराव, टूटी सड़कों, गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था से परेशान मोहल्लेवासियों ने नगर पालिका प्रशासन, वार्ड सभासद और चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

स्थानीय लोगों ने वार्ड सभासद आलोक वर्मा, चेयरमैन शीला सिंह वर्मा, उनके प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा और अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ला पर मोहल्ले के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जब बुनियादी सुविधाओं की बात आती है तो जनता की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है।

मोहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले चुनाव में जनता वोट की ताकत से जवाब देगी।

“सड़क का पैसा वीआईपी इलाके में खर्च कर दिया गया” — नीलोफर

स्थानीय निवासी नीलोफर ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि असद नगर की सड़क पहले ही पास हो चुकी थी, लेकिन उसका बजट और पैसा किसी दूसरे इलाके में खर्च कर दिया गया।

यह भी पढ़ें  Barabanki: गांव के बाहर बदहवास हालत में मिली पेट्रोल पंप पर काम करने वाली युवती, सहकर्मी युवक पर अपहरण और छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज

उनका आरोप है कि जहां वीआईपी लोग रहते हैं वहां विकास कार्य कराए गए, जबकि असद नगर जैसे इलाके को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मोहल्ले की सड़कें बदहाल हैं और बरसात के समय यहां चलना तक मुश्किल हो जाता है।

नीलोफर ने कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि भ्रष्टाचार और भेदभाव का मामला है।

फ़ोटो – सड़क पर बहता गंदा पानी

नालियों का गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा, सफाई व्यवस्था ठप

मोहल्ले की निवासी शकीला बानो ने बताया कि असद नगर में नालियों की स्थिति बेहद खराब है। आए दिन गंदा पानी सड़कों पर भरा रहता है और लोगों को उसी गंदे पानी में से होकर निकलने को मजबूर होना पड़ता है।

स्थानीय नागरिकों के मुताबिक बरसात में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, कई बार घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से मोहल्ले में नहीं आते, जिससे गंदगी और बदबू का माहौल बना रहता है।

“पैसे दो तभी पानी निकलेगा” — स्थानीय निवासी का आरोप

स्थानीय निवासी सोनू ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों को पैसे देने के बाद ही कहीं-कहीं थोड़ा बहुत पानी निकाला जाता है। लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर वैसे ही हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि पूरे इलाके में गंदगी फैली रहती है और नालियों से उठने वाली बदबू के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन सिर्फ टैक्स और बिल वसूलने तक सीमित रह गया है।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी में खनन माफियाओं का राज: बेलहरा में रातों-दिन सड़कों पर फर्राटा भर रहे ट्रैक्टर-डंपर, प्रशासन पर उठे सवाल

शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई

सायरा बानो ने बताया कि मोहल्ले की समस्याओं को लेकर कई बार चेयरमैन शीला सिंह वर्मा और नगर पालिका प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि शिकायतें सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती हैं। अधिकारी और जनप्रतिनिधि आश्वासन तो देते हैं, लेकिन जमीन पर कोई सुधार दिखाई नहीं देता।

“किराएदार भी इंसान हैं, फिर भेदभाव क्यों?” — विजय जायसवाल

स्थानीय निवासी विजय जायसवाल ने आरोप लगाया कि जब लोग वार्ड सभासद से शिकायत करने जाते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि मोहल्ले में ज्यादातर लोग किराएदार हैं।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि किराएदार भी टैक्स और पानी का बिल भरते हैं, फिर उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है? लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

पूर्व जनप्रतिनिधियों के समय बेहतर थी व्यवस्था

हाजी आमिर ने बताया कि पूर्व सभासद दिनेश तिवारी और तत्कालीन चेयरमैन रंजीत बहादुर श्रीवास्तव के कार्यकाल में मोहल्ले की स्थिति काफी बेहतर थी।

उन्होंने कहा कि उस समय साफ-सफाई नियमित होती थी और जलभराव जैसी समस्याएं नहीं थीं। वर्तमान में वार्ड की मुख्य सड़क ऊंची हो जाने के कारण उनकी गली की सड़क और नाली का लेवल काफी नीचा हो गया है। ऐसे में नाली का पानी मुख्य सड़क के नाले में न जाकर सीधे गली की सड़क और घरों में भर जाता है। ऐसे में उनकी गली की सड़क का पुनर्निर्माण बेहद जरूरी हो गया है।

यह भी पढ़ें  Barabanki News: महिला किसान नेता की ईंट से सिर कुचलकर हत्या, गदिया गांव के बाहर नहर किनारे मिला शव; जांच में जुटी पुलिस

डीएम से शिकायत की तैयारी, जांच और कार्रवाई की मांग

मोहल्लेवासियों का कहना है कि वर्षों से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। अब लोग जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन सिर्फ हाउस टैक्स, पानी का बिल और अन्य शुल्क लेने के समय ही वार्ड में दिखाई देता है, लेकिन जब जनता जलभराव, गंदगी और टूटी सड़कों जैसी समस्याओं से जूझती है तब उनकी कोई सुनवाई नहीं होती।

मोहल्लेवासियों ने सवाल उठाया कि क्या यह जनता के साथ सौतेला व्यवहार नहीं है?

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

5819
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?