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बाराबंकी के दो सरकारी स्कूलों में सुबह 9 बजे तक लटके रहे ताले: इंतजार कर लौटे बच्चे, शिक्षकों की लापरवाही पर ग्रामीणों में आक्रोश

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बाराबंकी के निन्दूरा ब्लॉक में दो सरकारी विद्यालय समय पर नहीं खुले।

सुबह 9 बजे तक स्कूलों में ताले लटके रहे, जिससे बच्चे बिना पढ़ाई किए घर लौट गए।

ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षकों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 09 मई 2026

उत्तर प्रदेश सरकार जहां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर कुछ शिक्षकों की लापरवाही सरकारी दावों पर सवाल खड़े कर रही है। ताजा मामला बाराबंकी जिले के निन्दूरा ब्लॉक से सामने आया है, जहां शनिवार सुबह दो सरकारी विद्यालय निर्धारित समय पर नहीं खुले और छात्र-छात्राएं स्कूल के बाहर इंतजार करने को मजबूर हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय दीनपनाह और प्राथमिक विद्यालय बड़खेरिया में सुबह करीब 9 बजे तक ताले लटके रहे। स्कूल पहुंचे छोटे-छोटे बच्चे काफी देर तक गेट के बाहर खड़े होकर शिक्षकों का इंतजार करते रहे, लेकिन जब काफी समय तक कोई शिक्षक या कर्मचारी विद्यालय नहीं पहुंचा तो निराश होकर बच्चे वापस अपने घर लौट गए।

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बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, अभिभावकों में नाराजगी

विद्यालय समय पर न खुलने की घटना से अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे पढ़ाई को लेकर उत्साहित रहते हैं और रोजाना समय से स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन शिक्षकों की लेटलतीफी बच्चों के भविष्य पर सीधा असर डाल रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विद्यालयों में शिक्षकों की देरी से पहुंचने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार “स्कूल चलो अभियान” के जरिए बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार शिक्षकों की लापरवाही से पूरा अभियान प्रभावित हो रहा है।

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ग्राम प्रधान ने जताई नाराजगी, कार्रवाई की मांग

इस मामले में ग्राम प्रधान ने भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। ग्राम प्रधान का कहना है कि विद्यालयों का समय पर न खुलना बेहद गंभीर मामला है और इससे बच्चों का मनोबल टूटता है। उन्होंने कहा कि मामले की शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ग्राम प्रधान ने कहा कि सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करनी चाहिए और लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

विभागीय मॉनिटरिंग पर उठे सवाल

सुबह 9 बजे तक स्कूलों में ताले लटकने की घटना ने शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण किया जाए तो ऐसी लापरवाही पर रोक लगाई जा सकती है।

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अब देखना यह होगा कि संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर दोषी शिक्षकों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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