Barabanki News: बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के बनकोट गांव में महिला ने पड़ोसियों पर घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया।
पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न करने पर कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज हुआ।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 20 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक महिला को न्याय पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। पीड़िता का आरोप है कि पड़ोसियों ने पहले उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की, फिर घर में घुसकर उसकी पुत्री को भी पीटा और घरेलू सामान में तोड़फोड़ की। स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर महिला ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिट्टी डालने को लेकर शुरू हुआ विवाद, मारपीट तक पहुंचा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबेहा थाना क्षेत्र के ग्राम बनकोट, मजरा अमरवल किरसिया निवासी गुड्डा पत्नी देवनारायण ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि 31 मई 2026 को वह अपने घर के सहन में मिट्टी की पटाई का कार्य कर रही थीं। इसी दौरान गांव के बाबूलाल पुत्र सुकई, रामरती पत्नी दिनेश तथा जगपता पुत्री बदलू ने वहां पहुंचकर मिट्टी डालने का विरोध किया।
महिला का आरोप है कि विरोध करने पर तीनों आरोपी एकजुट होकर गाली-गलौज करने लगे। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने लाठी-डंडों, लात-घूसों से हमला कर दिया और उसकी पिटाई कर दी।
जान बचाने के लिए घर में घुसी महिला, आरोपियों ने घर में घुसकर बेटी को भी पीटा
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि मारपीट से बचने के लिए वह अपने घर के अंदर चली गई, लेकिन आरोपी यहीं नहीं रुके। आरोप है कि वे जबरन घर में घुस आए और उसकी पुत्री राधा के साथ भी मारपीट की।
महिला का कहना है कि आरोपियों ने घर में रखे सामान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के दौरान शोर-शराबा सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए।
जिला अस्पताल में कराया गया मेडिकल, लेकिन पुलिस ने नहीं दर्ज की एफआईआर
पीड़िता का आरोप है कि मारपीट में उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसने जिला अस्पताल बाराबंकी में चिकित्सीय परीक्षण कराया। इसके बावजूद जब उसने सुबेहा थाने में शिकायत दी तो पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
महिला का कहना है कि उसने बाद में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी को भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस से राहत न मिलने पर पीड़िता ने धारा 173(4) बीएनएसएस (BNSS) के तहत न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक बोले- जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
सुबेहा थाना प्रभारी बेचू सिंह यादव ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











