बाराबंकी के हैदरगढ़ में पुलिस ने 10 घरेलू गैस सिलेंडरों से लदा ई-रिक्शा पकड़ा।
जांच में अवैध गैस रिफिलिंग और काले कारोबार का खुलासा हुआ।
तीन आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR दर्ज करने के आदेश।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 मई 2026
जनपद के हैदरगढ़ क्षेत्र में अवैध गैस कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 10 घरेलू एलपीजी सिलेंडरों से लदा एक ई-रिक्शा पकड़ा है। यह कार्रवाई 29 अप्रैल 2026 की रात करीब 12 बजे लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर चौबीसी तिराहे के पास गश्त के दौरान की गई।
गश्ती दल ने संदिग्ध हालत में जा रहे ई-रिक्शा (नंबर UP36T6422) को रोका, जिसमें 14.2 किलोग्राम के 10 भरे हुए इंडेन गैस सिलेंडर लदे थे। वाहन में मौजूद ड्राइवर अकील और उसके साथ बैठे रियाज अहमद से पूछताछ की गई, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
जांच में सामने आया अवैध रिफिलिंग और ब्लैक मार्केटिंग का खेल
पूर्ति निरीक्षक अनुभव कुमार द्वारा की गई जांच में बड़ा खुलासा हुआ। पूछताछ के दौरान रियाज अहमद ने स्वीकार किया कि वह इन्हौना (अमेठी) में गैस चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान चलाता है और छोटे अवैध सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग का काम करता है।

21 हजार रुपये में खरीदे गए 10 सिलेंडर
रियाज अहमद ने बताया कि उसने हैदरगढ़ क्षेत्र के बम्हौली निवासी प्रदीप नामक व्यक्ति से 10 घरेलू सिलेंडर 21,000 रुपये में खरीदे थे। उसे पुरानी पर्चियां दी गईं ताकि जांच में दिखाया जा सके कि सिलेंडर वैध हैं।
एजेंसी जांच में खुलासा—पहले ही हो चुकी थी डिलीवरी
जांच के दौरान जब गैस एजेंसी से पर्चियों का सत्यापन कराया गया, तो सामने आया कि जिन उपभोक्ताओं के नाम पर पर्चियां थीं, उन्हें पहले ही 27 अप्रैल 2026 को सिलेंडर की डिलीवरी दी जा चुकी थी।
इससे स्पष्ट हुआ कि पकड़े गए सिलेंडर अवैध रूप से इकट्ठा किए गए थे और उन्हें ब्लैक मार्केट में बेचा जा रहा था।

गैस एजेंसी ने प्रदीप को बताया फर्जी
हैदरगढ़ स्थित इंडेन गैस एजेंसी के मालिक अनिल सैनी ने जांच के दौरान साफ किया कि “प्रदीप” नाम का कोई भी व्यक्ति उनकी एजेंसी में कार्यरत नहीं है।
स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया गया, जिसमें एजेंसी का रिकॉर्ड पूरी तरह सही पाया गया।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR के आदेश
पूरे मामले को गंभीर मानते हुए जिला मजिस्ट्रेट बाराबंकी ने 2 मई 2026 को आदेश जारी कर तीनों आरोपियों—
- रियाज अहमद
- अकील
- प्रदीप (मुख्य आरोपी)
के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत FIR दर्ज करने की अनुमति दे दी। जिसके बाद हैदरगढ़ कोतवाली में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

अवैध गैस कारोबार पर प्रशासन सख्त
यह मामला न सिर्फ अवैध गैस रिफिलिंग बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा है। घरेलू सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरना बेहद खतरनाक होता है और इससे बड़े हादसे हो सकते हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्कर्ष
हैदरगढ़ में पकड़े गए इस गैस कांड ने एक बार फिर उजागर कर दिया है कि किस तरह घरेलू गैस का दुरुपयोग कर अवैध कमाई की जा रही है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिससे आगे और गिरफ्तारियों की संभावना भी जताई जा रही है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद














