Barabanki

बाराबंकी-लखनऊ कनेक्टिविटी को योगी सरकार की बड़ी सौगात: ₹468 करोड़ से बनेगा 27 किमी फोरलेन आउटर, 30+ गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

SHARE:

लखनऊ-बाराबंकी के बीच 27 किमी लंबे फोरलेन आउटर रोड प्रोजेक्ट को ₹468.48 करोड़ की मंजूरी मिली।

इस सड़क से 30 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा और औद्योगिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 26 अप्रैल 2026

लखनऊ और बाराबंकी के बीच यातायात को सुगम और तेज़ बनाने के लिए एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को मंजूरी मिल गई है।

इटौंजा-महौना-कुर्सी-देवा-चिनहट मार्ग से होकर गुजरने वाला लगभग 27 किलोमीटर लंबा फोरलेन आउटर रोड अब ₹468.48 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा।

भारी वाहनों को मिलेगा शहर के जाम से राहत

इंडस्ट्रियल बेल्ट को किसान पथ से जोड़ेगा नया मार्ग

यह नया फोरलेन मार्ग विशेष रूप से भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे चिनहट-देवा-कुर्सी औद्योगिक क्षेत्र की कनेक्टिविटी किसान पथ से सीधे जुड़ जाएगी, जिससे शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम होगा।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी में तालाब में डूबने से 17 वर्षीय किशोर की मौत: नहाते समय गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा, परिवार में मचा कोहराम

30 से अधिक गांवों की बदलेगी तस्वीर

इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

इस परियोजना से कुर्सी, देवा, बेलहरा, गुरुगंज, गोरिया, कैथी, सरैया, बरोटी, खजुरगांव, रानीगंज, पहाड़पुर, हडौरी समेत 30 से अधिक गांवों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बूस्ट

कई जिलों के लिए बनेगा तेज़ रूट

यह नया मार्ग सीतापुर, लखीमपुर, बरेली और शाहजहांपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एक तेज़ और सुविधाजनक विकल्प साबित होगा। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा बल्कि परिवहन लागत में भी कमी आएगी।

यह भी पढ़ें  Barabanki: पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से चल रहे अवैध मिट्टी खनन पर वन विभाग का शिकंजा, डंपर सीज

रोजगार और विकास के नए अवसर

यह परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार और निवेश की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

प्रोजेक्ट की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • लंबाई: लगभग 27 किमी
  • मार्ग: इटौंजा → महौना → कुर्सी → देवा → चिनहट
  • लागत: ₹468.48 करोड़
  • उद्देश्य: भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग
  • कनेक्टिविटी: किसान पथ और औद्योगिक बेल्ट से सीधा जुड़ाव
  • लाभार्थी: 30+ गांव

ट्रैफिक से राहत और विकास की नई रफ्तार।

लखनऊ-बाराबंकी फोरलेन आउटर रोड परियोजना क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है। इससे जहां एक ओर ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

यह भी पढ़ें  Barabanki: डीएम-एसपी ने सुनी जनसमस्याएं, भूमि विवादों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं मौके पर जाकर निस्तारण के निर्देश

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

9335
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई