बाराबंकी के जलालपुर गांव के पास लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर एक साल से अधूरा पड़ा अंडरपास निर्माण।
8 फीट गहरे गड्ढे बने हादसों का खतरा।
न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड—राहगीरों की जान जोखिम में।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 16 अप्रैल 2026
लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ग्राम जलालपुर के पास अंडरपास निर्माण के लिए करीब एक वर्ष पूर्व खोदे गए गहरे गड्ढे अब राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण ये गड्ढे किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे लगभग 8 फीट गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिए गए, लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। इससे यह क्षेत्र लगातार दुर्घटना संभावित जोन बनता जा रहा है।
न बैरिकेडिंग, न चेतावनी—लापरवाही पर उठ रहे सवाल
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन खतरनाक गड्ढों के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। रात के समय यहां पर्याप्त रोशनी की भी व्यवस्था नहीं है, जिससे खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
ऐसे में अनजान राहगीर, खासकर बाइक सवार, अचानक सामने आने वाले इन गड्ढों के कारण हादसे का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय लोग इसे प्रशासन और निर्माण एजेंसी की गंभीर लापरवाही मान रहे हैं।

बाइक सवारों के लिए सबसे बड़ा खतरा
यह मार्ग अत्यंत व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक है, जहां दिन-रात भारी यातायात बना रहता है। ऐसे में सड़क किनारे खुले गहरे गड्ढे विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
हल्की सी चूक बन सकती है जानलेवा हादसा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि बाइक सवार का थोड़ा भी संतुलन बिगड़ जाए, तो वह सीधे इन गड्ढों में गिर सकता है, जिससे गंभीर चोट या जान जाने तक का खतरा है।
जिम्मेदार विभाग पर उठे सवाल
करीब एक साल से अधूरा पड़ा यह निर्माण कार्य अब संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि:
- निर्माण शुरू क्यों नहीं किया गया?
- सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
- क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन जागेगा?

स्थानीय लोगों में आक्रोश, जल्द कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और राहगीरों में इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि:
- जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए
- गड्ढों के चारों ओर बैरिकेडिंग की जाए
- चेतावनी बोर्ड और लाइटिंग की व्यवस्था की जाए
“किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों?”
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह लापरवाही किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
निष्कर्ष
लखनऊ-अयोध्या हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की लापरवाही न सिर्फ प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ भी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करता है।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद













