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Barabanki: अधिवक्ता शोएब किदवाई बॉबी को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, जनाजे में उड़ना जनसैलाब

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Barabanki: पैतृक गांव में बंद रही दुकानें, जनाजे में उमड़ा जनसैलाब

बाराबंकी में दिनदहाड़े हत्या के शिकार अधिवक्ता शोएब किदवई उर्फ बॉबी को गांव गदिया में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में भारी भीड़ उमड़ी। अधिवक्ता समाज में आक्रोश, 48 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 14 फरवरी 2026

राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जनपद में दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के बाद दिवंगत अधिवक्ता शोएब किदवाई उर्फ बॉबी को शनिवार को उनके पैतृक गांव गदिया स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। असर की नमाज के बाद पूरे सम्मान के साथ उन्हें मिट्टी दी गई। जनाजे में अधिवक्ताओं, गणमान्य नागरिकों और आम लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे क्षेत्र में गमगीन माहौल रहा और हर आंख नम नजर आई।

 

गांव में बंद रही दुकानें, उमड़ा जनसैलाब

जैसे ही जनाजा गांव पहुंचा, उससे पहले ही अधिकांश दुकानें शोक में बंद हो चुकी थी। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने प्रिय अधिवक्ता को अंतिम विदाई देने पहुंचे।

ग्रामीणों ने बताया कि शोएब किदवाई बॉबी गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते थे। बंकी ब्लॉक के ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख रहने के दौरान उन्होंने क्षेत्रीय विकास के महत्वपूर्ण योगदान दिया और एक मददगार, मिलनसार व सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में अपनी पहचान बनाई।

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15 वर्षों से कचहरी में थे सक्रिय

शोएब किदवाई पिछले 15 वर्षों से बाराबंकी कचहरी में सक्रिय अधिवक्ता थे। अपने सौम्य स्वभाव और पेशे के प्रति समर्पण के कारण अधिवक्ता समाज में उनकी विशेष पहचान थी। शुक्रवार को दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी, जिससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई।

परिजनों के अनुसार, उनके छोटे भाई सोहेल किदवई, जो इंग्लैंड में कार्यरत हैं, के आने का इंतजार किया गया। उनके पहुंचने के बाद शनिवार को जनाजे की नमाज अदा करने के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अपने पीछे वह पत्नी शाजिया, पुत्र अरहान और बड़े भाई अधिवक्ता जावेद किदवई सहित पूरे परिवार को शोकाकुल छोड़ गए हैं।

अधिवक्ता समाज में आक्रोश

जनाजे में बड़ी संख्या में बाराबंकी कचहरी समेत लखनऊ के अधिवक्ता शामिल हुए। सभी ने अपने साथी की असामयिक मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया। अधिवक्ताओं का कहना है कि न्याय दिलाने वाले अधिवक्ता स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

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हाल के दिनों में अधिवक्ताओं पर हमलों की घटनाएं लगातार समाने आ रही हैं। रामपुर में अधिवक्ता फारूख अहमद खान और शिवपुरी के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सक्सेना की गोली मारकर हत्या की घटनाओं ने अधिवक्ता समाज को झकझोर दिया है। एक सप्ताह के भीतर अलग-अलग जिलों में अधिवक्ताओं की हत्या ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

48 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन

घटना के बाद अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है। प्रशासन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का समय मांगा है। अब सबकी नजरें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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अधिवक्ता शोएब किदवई की हत्या से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा अधिवक्ता समाज और जिला शोक में डूबा है। लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई देते हुए हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और न्याय की मांग की है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान

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