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Barabanki News Today: सुबेहा नगर पंचायत में सरकारी भूमि (खलिहान) पर आम सहित कई पेड़ों की अवैध कटाई का आरोप। शिकायतकर्ता ने वन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
बाराबंकी जिले की नगर पंचायत सुबेहा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से पेड़ो की कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। खलिहान के रूप में दर्ज सरकारी भूमि (गाटा संख्या 863) पर आम सहित अन्य हरे-भरे पेड़ों को अवैध रूप से कटाने का आरोप स्थानीय वन माफिया पर लगाया गया है। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन और वन विभाग से सख़्त कार्रवाई की मांग की है।
सरकारी रिकॉर्ड में खलिहान दर्ज है भूमि
शिकायतकर्ता मोहम्मद अनवर पुत्र मोहम्मद उमर, निवासी वार्ड सराय राजघाट, मोहल्ला पट्टी, नगर पंचायत सुबेहा ने बताया कि उनके वार्ड की गाटा संख्या 863 राजस्व अभिलेखों में “खलिहान” के रूप में दर्ज है, जो कि पूर्ण रूप से सरकारी भूमि है। आरोप है कि इस भूमि पर लगे आम व अन्य बहुमूल्य वृक्षों को स्थानीय वन माफिया मुस्लिम उर्फ गोगा और उसके सहयोगियों द्वारा अवैध रूप से कटवा दिया गया।

सूचना के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मोहम्मद अनवर ने बताया कि अवैध कटान की जानकारी मिलते ही उन्होंने वन विभाग और नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद नगर पंचायत की टीम मौके पर पहुंची और काटे गए पेड़ो की लकड़ी को कब्जे में लेकर नगर पंचायत कार्यालय भिजवाया गया, लेकिन आरोप है कि अब तक अवैध कटान में शामिल लोगों के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
वन अधिनियम और राजस्व नियमों का उल्लंघन
शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति आए दिन नगर पंचायत की सरकारी भूमि पर इस तरह के अवैध कार्य करते हैं। इससे न केवल सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि वन अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण कानून और राजस्व नियमों का भी खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
पर्यावरणीय क्षति बढ़ने की आशंका
शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और पर्यावरणीय क्षति की घटनाएं और अधिक बढ़ेंगी।

जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों को भेजी शिकायत
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी बाराबंकी शशांक त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी हैदरगढ़, डीएफओ बाराबंकी तथा अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत सुबेहा को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र के प्रकरण की स्थलीय जांच कराने, आरोपी मुस्लिम उर्फ गोगा व उसके सहयोगियों के खिलाफ वन अधिनियम, राजस्व नियमों एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं में कठोर कार्रवाई करने और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक निवारक आदेश पारित करने की मांग की गई है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















