Barabanki

356 साल पुराने बाराबंकी के कोटवा धाम को मिलेगी नई पहचान, योगी सरकार ने पर्यटन विकास के लिए जारी किए 2.02 करोड़ रुपये

SHARE:

बाराबंकी के 356 साल पुराने कोटवा धाम का होगा पर्यटन विकास।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत 2.02 करोड़ रुपये की लागत से यात्री निवास, प्रवेश द्वार, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के विजन को अब बाराबंकी के ऐतिहासिक कोटवा धाम में भी नई उड़ान मिलने जा रही है। राजधानी लखनऊ से सटे 356 वर्ष पुराने सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली कोटवा धाम का अब आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत यहां 202.51 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

पर्यटन विभाग ने इस परियोजना के लिए 150 लाख रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इस योजना से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री योगी के विजन के तहत मिलेगा आधुनिक पर्यटन स्वरूप

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

यह भी पढ़ें  Barabanki Murder Case – 18 वर्षीय युवक की हत्या, नाले में मिला शव, इलाके में सनसनी

इसी क्रम में बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित कोटवा धाम का चयन किया गया है। यहां स्थित समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास जी मंदिर एवं समाधि स्थल सतनाम पंथ की सबसे प्रमुख तपोस्थली मानी जाती है।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों, पंथों और समुदायों की आस्था का समान सम्मान करते हुए धार्मिक स्थलों का समग्र विकास करा रही है।

202.51 लाख रुपये से होंगे ये प्रमुख विकास कार्य

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास परियोजना के तहत कोटवा धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई आधुनिक निर्माण कराए जाएंगे।

इनमें शामिल हैं—

  • यात्री निवास का निर्माण
  • आधुनिक शौचालय ब्लॉक
  • चेंजिंग रूम (वस्त्र परिवर्तन कक्ष)
  • भव्य प्रवेश द्वार
  • आकर्षक म्यूरल वॉल
  • सजावटी स्तंभ
  • पेयजल व्यवस्था
  • मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण
  • पर्यटक सुविधाओं का विस्तार
  • डेकोरेटेड फ्री-स्टैंडिंग वॉल
  • पेवर ब्लॉक मार्ग का निर्माण

इन कार्यों से कोटवा धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

सतनाम पंथ की प्रमुख तपोस्थली है कोटवा धाम

बाराबंकी जिले की सिरौलीगौसपुर तहसील स्थित कोटवा धाम में समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास जी का लगभग 356 वर्ष पुराना मंदिर और समाधि स्थल मौजूद है।

यह भी पढ़ें  Barabanki: थाना प्रभारी यशकांत सिंह ने ग्राम प्रधानों व सभासदों के साथ की बैठक, कानून व्यवस्था पर दिया जोर

बाबा जगजीवन दास जी ने सतनाम पंथ की स्थापना की थी, जिसकी मूल भावना सत्य, समानता, सामाजिक सद्भाव और मानवता पर आधारित है। यहां प्रत्येक वर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

जन्मोत्सव पर उमड़ता है लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब

हर वर्ष माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी को समर्थ साहेब बाबा जगजीवन दास जी का जन्मोत्सव बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

इस अवसर पर बाराबंकी, अयोध्या, लखनऊ, रायबरेली, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर, अमेठी, उन्नाव, कानपुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोटवा धाम पहुंचते हैं।

57 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे बाराबंकी, अब और बढ़ेगी रौनक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में बाराबंकी में 57.34 लाख से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जो जिले की बढ़ती पर्यटन संभावनाओं को दर्शाता है।

कोटवा धाम के पर्यटन विकास से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

डीएम बोले- समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे होंगे कार्य

जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन पर्यटन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर परियोजना के सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूरा कराएगा।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी ट्रॉमा सेंटर की बदहाली पर भड़की भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी, CMO को सौंपा ज्ञापन; 32 लाख लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से श्रद्धालुओं को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और बाराबंकी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।

रिपोर्ट – मंसूफ़ अहमद 

बाराबंकी में विवाहिता से छेड़छाड़ और ब्लैकमेल का आरोप: बात न करने पर फोटो-वीडियो वायरल करने व जान से मारने की धमकी, केस दर्ज

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

15453
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई