बाराबंकी में स्वास्थ्य विभाग ने बिना मानक संचालित अस्पतालों, क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
दो अस्पतालों के बेसमेंट सील किए गए, कई संस्थानों को नोटिस जारी हुआ। जानिए पूरी कार्रवाई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में बिना मानक संचालित निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रंजन गौतम के निर्देश पर गठित टास्क फोर्स ने बुधवार को जिले के कई निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर दो अस्पतालों के बेसमेंट सील कर दिए गए, जबकि कई संस्थानों को पांच दिन के भीतर कमियां दूर करने का नोटिस जारी किया गया।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा, अग्निशमन मानकों का पालन और अवैध रूप से संचालित चिकित्सकीय सेवाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
अग्नि सुरक्षा में लापरवाही पर दो अस्पतालों के बेसमेंट सील
निरीक्षण के दौरान श्री बालाजी अमृता हॉस्पिटल में अग्नि सुरक्षा से जुड़े गंभीर मानकों की अनदेखी सामने आई। अस्पताल में आपातकालीन निकास (Emergency Exit), फायर सेफ्टी उपकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं मिलीं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के बेसमेंट को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
वहीं अनन्या हॉस्पिटल का बेसमेंट निरीक्षण के समय बंद मिला। टीम ने मौके पर नोटिस चस्पा करते हुए बेसमेंट को सील कर दिया और संबंधित संचालक से आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कई अस्पतालों को 5 दिन का अल्टीमेटम
निरीक्षण के दौरान देवां डायग्नोस्टिक एंड मेडिकल सेंटर, विधान पॉलीक्लीनिक, विधांश हॉस्पिटल और नेलसन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भी अग्नि सुरक्षा संबंधी कई कमियां पाई गईं।
टास्क फोर्स ने इन सभी अस्पतालों के संचालकों को पांच दिन के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था इलाज, हिस्सा सील
कार्रवाई के दौरान देवां स्थित सरस्वती मेडिकल स्टोर में मेडिकल स्टोर के पीछे मरीजों का इलाज किए जाने की पुष्टि हुई। बिना अनुमति उपचार संचालित होने पर स्वास्थ्य विभाग ने इलाज वाले हिस्से को तत्काल सील कर दिया और संचालक को नोटिस जारी किया।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि मेडिकल स्टोर की आड़ में अवैध क्लीनिक संचालित करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कई क्लीनिक निरीक्षण के दौरान मिले बंद
निरीक्षण के दौरान आसरा पॉलीक्लीनिक, बैसवार क्लीनिक, अंशिका लक्ष्य हॉस्पिटल और न्यू नैना पॉलीक्लीनिक बंद पाए गए। विभाग ने इन संस्थानों के संबंध में भी रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम के निर्देश पर चल रहे इस अभियान का उद्देश्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों में मानकों का पालन सुनिश्चित करना, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले अस्पतालों एवं झोलाछाप चिकित्सकों पर प्रभावी रोक लगाना है।
यह अभियान स्वास्थ्य विभाग की गठित टास्क फोर्स द्वारा संचालित किया गया, जिसमें नोडल अधिकारी डॉ. एल.बी. गुप्ता तथा चिकित्सा पंजीकरण शाखा के अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी जिलेभर में ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान अली











