Barabanki:
बाराबंकी के हरख ब्लॉक स्थित चंदौली गांव में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइनों में लीकेज से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। जांच रिपोर्ट के बावजूद न सड़क मरम्मत हुई और न ही सभी घरों तक पेयजल पहुंच पाया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।
जिले के हरख ब्लॉक अंतर्गत चंदौली गांव में पेयजल संकट और जर्जर सड़कों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। नौ महीने पहले शिकायत और प्रशासनिक जांच के बावजूद आज तक न तो गांव के सभी घरों तक पानी पहुंच पाया है और न हीं जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत हो सकी है। पाइप लाइनों में जगह-जगह लीकेज के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है, जबकि ग्रामीण बूंद बूंद पानी के लिए परेशान है।
जल जीवन मिशन की पाइपलाइन बनी पानी बर्बादी की वजह
चंदौली गांव में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइनों में कई स्थानों पर गंभीर लीकेज पाया गया है। इन लीकेज के कारण पानी सड़कों और गलियों में बह रहा है, लेकिन यह पानी ग्रामीणों के घरों तक नहीं पहुंच पा रहा। योजना का उद्देश्य हर घर नल से जल पहुंचाना था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है।

खोदी गई सड़के बनी मुसीबत
पाइपलाइन बिछाने के दौरान गांव की कई सड़के खोद दी गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। क्षतिग्रस्त सड़कों के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की माने तो बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
जांच में सही पाई गई शिकायत, फिर भी कार्रवाई सिफर
इस पूरे मामले को लेकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और अधिवक्ता सलमान अली ने 7 मई 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के बाद नायब तहसीलदार सतरिख प्रियंका शुक्ला द्वारा दी गई रिपोर्ट में स्पष्ट रुप से यह कहा गया कि गांव के सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है और सड़कों का मरम्मतीकरण भी अधूरा है।
इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 24 जुलाई 2025 को मामले की शिकायत आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी की गई।
भुगतान न होने से रुका मरम्मतीकरण कार्य
उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने 11 सितंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट में बताया कि अनुबंधित फर्म को भुगतान न होने के कारण मरम्मत कार्य रुका हुआ है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भुगतान मिलते ही कार्य को पूरा कराया जाएगा। हालांकि, भुगतान न होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है और लीकेज से पानी की बर्बादी हो रही है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















