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Barabanki: शरीफाबाद में तेंदुए की दहशत! मवेशियों पर ताबड़तोड़ हमलों से सहमे ग्रामीण, वन विभाग ने लगाया पिंजरा

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Barabanki News: बाराबंकी के सुबेहा क्षेत्र के शरीफाबाद गांव में तेंदुए की दहशत से ग्रामीण सहमे हैं।

मवेशियों पर हमले के दावे के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाया और कांबिंग शुरू की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 26 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के शरीफाबाद गांव में पिछले कई दिनों से कथित तौर पर तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में घूम रहा जंगली जानवर अब तक कई मवेशियों और जंगली जानवरों पर हमला कर चुका है। रात के समय ग्रामीण खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं, वहीं छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी परिवार चिंतित हैं।

हालांकि, वन विभाग ने अभी तेंदुए की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विभागीय टीम लगातार क्षेत्र में कांबिंग कर रही है और जानवर को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाकर निगरानी की जा रही है।

मवेशी को पकड़कर खड़ा था जंगली जानवर, शोर मचाने पर जंगल की ओर भागा

ग्रामीण राम पदारथ तिवारी के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे उनके घर के सामने बने शौचालय के पास कुछ छुट्टा मवेशी बैठे हुए थे। इसी दौरान मवेशी अचानक तेजी से भागने लगे और एक जंगली जानवर उनके दरवाजे के सामने आकर दिखाई दिया।

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राम पदारथ तिवारी का कहना है कि उन्हें शक हुआ तो उन्होंने टॉर्च लेकर घर से कुछ आगे जाकर देखा। उनके मुताबिक, एक बड़ा अज्ञात जंगली जानवर एक बछड़े को पकड़े हुए था।

शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे। ग्रामीणों की भीड़ देखकर जानवर जंगल की तरफ भाग गया। ग्रामीणों के अनुसार बछड़े के शरीर पर कई जगह दांत के निशान मिले हैं।

नीलगाय और बंदरों पर भी हमले का दावा

जिला उपाध्यक्ष रामबरन यादव ने दावा किया कि इलाके में पिछले करीब 15 दिनों से जंगली जानवर देखे जाने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार कई स्थानों पर नीलगाय और बंदरों पर भी हमला किया गया है।

ग्रामीणों का दावा है कि अखिलेश तिवारी के खेत के पास एक नीलगाय पर हमला किया गया, जहां उसके अवशेष और कंकाल पड़े मिले। इसी तरह इलाके में अन्य जंगली जानवरों के अवशेष मिलने की भी बात कही जा रही है।

हालांकि, इन घटनाओं में हमला करने वाला जानवर तेंदुआ ही था या कोई अन्य जंगली जानवर, इसकी पुष्टि अभी वन विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।

वन विभाग की टीम ने रातभर की कांबिंग

ग्रामीणों से लगातार मिल रही सूचना के बाद वन विभाग की टीम शरीफाबाद और आसपास के तराई क्षेत्र में पहुंची। टीम ने संभावित स्थानों पर कांबिंग अभियान चलाया।

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बताया गया कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रातभर क्षेत्र में निगरानी करते रहे, लेकिन जंगली जानवर का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल सका।

जानवर की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है और संभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

तेंदुए की दहशत से खेतों की रखवाली पर भी असर

ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवर की दहशत का सबसे ज्यादा असर तराई क्षेत्र में रहने वाले किसानों पर पड़ा है। रात के समय किसान अक्सर खेतों की रखवाली और सिंचाई के लिए बाहर जाते हैं, लेकिन डर के कारण अब लोग अकेले खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं।

ग्रामीणों को आशंका है कि यदि वास्तव में तेंदुआ इलाके में मौजूद है तो छोटे बच्चों और अकेले लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है।

वन विभाग ने नहीं की तेंदुए की पुष्टि

फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वन विभाग ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि शरीफाबाद में दिखाई देने वाला जानवर तेंदुआ ही है।

विभाग की टीम जंगली जानवर की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। पिंजरा लगाने के साथ ही संभावित रास्तों और जंगल के आसपास के क्षेत्रों में कांबिंग की जा रही है।

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वन विभाग का प्रयास है कि जानवर की पहचान होने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर ग्रामीण आबादी से दूर किया जा सके।

ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

लगातार जंगली जानवर दिखाई देने और मवेशियों पर हमले के दावों के बीच शरीफाबाद और आसपास के गांवों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण प्रशासन और वन विभाग से जल्द से जल्द जानवर को पकड़ने तथा गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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