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बाराबंकी में कई गुना मुनाफे का लालच देकर सपा नेता से 70.28 लाख की ठगी, ट्रेडिंग ऐप पर दिखाया करोड़ों का सपना; रकम मांगते ही खुला खेल

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बाराबंकी में सपा नेता और व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ‘बब्बी’ से फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 70.28 लाख रुपये की साइबर ठगी।

कम समय में कई गुना मुनाफा दिखाकर फंसाया, रकम निकालने पर मांगे गए टैक्स और फीस। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर साइबर जालसाजों ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ‘बब्बी’ से 70.28 लाख रुपये की कथित ठगी कर ली। जालसाजों ने पहले ट्रेडिंग ऐप पर लगातार भारी मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीता, लेकिन जब उन्होंने अपनी जमा पूंजी निकालने की कोशिश की तो टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अलग-अलग चार्ज के नाम पर और पैसे मांगे जाने लगे। तब जाकर उन्हें अपने साथ बड़े साइबर फ्रॉड का एहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ खेल, पुरानी पहचान बताकर बनाया भरोसा

नगर कोतवाली क्षेत्र के घंटाघर निवासी राजीव गुप्ता ‘बब्बी’ ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि अक्टूबर 2025 में उनके व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपना नाम डीपी सिंह बताते हुए खुद को बाराबंकी के जीत नगर का निवासी बताया और पुरानी जान-पहचान का हवाला देकर बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे उसने भरोसा जीत लिया और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का प्रस्ताव रखा।

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मोटे मुनाफे का लालच, ट्रेडिंग ऐप पर दिखता रहा बढ़ता बैलेंस

आरोपी ने राजीव गुप्ता को आईजी ग्लोबल लॉजिस्टिक लिमिटेड/इंट्राग्लोबल लिमिटेड के माध्यम से फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने की सलाह दी। उसने दावा किया कि इस प्लेटफॉर्म पर कम समय में कई गुना मुनाफा मिलता है और जरूरत पड़ने पर पूरी रकम तुरंत वापस भी निकाली जा सकती है।

विश्वास में आकर राजीव गुप्ता ने 31 अक्टूबर 2025 से निवेश शुरू कर दिया। नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच उन्होंने UPI, RTGS और नकद जमा के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 70,28,790 रुपये जमा कर दिए। ट्रेडिंग ऐप पर लगातार बढ़ता मुनाफा देखकर उन्हें विश्वास हो गया कि उनका निवेश सुरक्षित है।

पैसे निकालने की बारी आई तो सामने आ गया साइबर ठगी का सच

शिकायत के अनुसार, जब उन्होंने निवेश की गई रकम और मुनाफा वापस निकालने के लिए आवेदन किया तो जालसाजों ने पहले टैक्स, फिर प्रोसेसिंग फीस, उसके बाद अकाउंट एक्टिवेशन चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर लगातार नई-नई रकम जमा कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

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बार-बार अतिरिक्त भुगतान की मांग होने पर उन्हें शक हुआ और तब जाकर एहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, साइबर थाने को सौंपी जांच

घटना के बाद व्यापारी नेता और सपा नेता राजीव गुप्ता ‘बब्बी’ नगर कोतवाली पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

नगर कोतवाली प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच साइबर थाना पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस उन बैंक खातों, यूपीआई आईडी, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शनों की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से पैसे का लेन-देन हुआ।

साइबर ठगी के मामलों में बढ़ रही सतर्कता की जरूरत

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप कॉल और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए साइबर अपराधी लोगों को बड़े मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन निवेश करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें और केवल अधिकृत वित्तीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।

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रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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