बाराबंकी के सिरौली गौसपुर क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय करोरा में समाजसेवी रवि वर्मा ने 83 जरूरतमंद बच्चों को सैंडल वितरित कीं।
कार्यक्रम में पुलिस और विद्यालय स्टाफ ने शिक्षा और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर जोर दिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 18 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में समाजसेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। बाराबंकी शहर के समाजसेवी रवि वर्मा ने सिरौली गौसपुर तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय करोरा में 83 जरूरतमंद बच्चों को सैंडल वितरित कीं।
विद्यालय में कई बच्चे बिना जूते-चप्पल के स्कूल आने को मजबूर थे, जिससे उन्हें आने-जाने और पढ़ाई के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की इसी समस्या को देखते हुए समाजसेवी रवि वर्मा ने उनकी मदद करने का निर्णय लिया।

बच्चों की परेशानी देखकर लिया मदद का फैसला
विद्यालय के शिक्षक प्रहलाद कुमार विमल ने बताया कि कई छात्र-छात्राएं टूटे हुए जूते पहनकर या नंगे पैर विद्यालय आते थे। इससे उन्हें चलने-फिरने में कठिनाई होती थी और पढ़ाई भी प्रभावित होती थी।
इस समस्या की जानकारी मिलने के बाद रवि वर्मा स्वयं विद्यालय पहुंचे और सभी 83 बच्चों को नई सैंडल वितरित कीं। सैंडल मिलने के बाद बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की मदद से जरूरतमंद बच्चों को बड़ी राहत मिलती है।

पुलिस अधिकारी ने बच्चों को शिक्षा का महत्व बताया
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोतवाली बदोसराय के प्रभारी राम अवतार सरोज मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए नियमित रूप से विद्यालय आने और मेहनत से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें और घर पर पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार और समाज दोनों का सहयोग जरूरी है।
विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने की सराहना
इस अवसर पर प्रधानाचार्य संगीता तिवारी, सहायक अध्यापिका ज्योति चतुर्वेदी, सहायक अध्यापक अखिलेश कुमार सहित विद्यालय परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में समाजसेवी बृजेश वर्मा, आलोक वर्मा, प्रवीण वर्मा, रवि सरोज, अमरेंद्र वर्मा तथा निर्मला और कामिनी देवी सहित कई अभिभावक भी शामिल हुए।
सभी लोगों ने रवि वर्मा की इस सामाजिक पहल की जमकर प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।

बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं पर देना होगा ध्यान
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई बच्चे बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में समाज के सक्षम लोगों द्वारा की गई मदद बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













