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Barabanki News: खरीफ सीजन में खाद के लिए भटक रहे किसान, पीसीएफ केंद्र पर अव्यवस्था का आरोप; सीएम पोर्टल पर पहुंची शिकायत

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Barabanki News: फतहाबाद स्थित पीसीएफ खाद केंद्र पर किसानों ने अव्यवस्था, रेट बोर्ड अपडेट न करने और समय से पहले केंद्र बंद करने का आरोप लगाया।

किसान ने सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की, जबकि पीसीएफ ने सर्वर समस्या को वजह बताया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 17 जुलाई 2026

खरीफ सीजन के बीच उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में किसानों को सरकारी खाद केंद्रों पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ताजा मामला बंकी ब्लॉक के फतहाबाद स्थित पीसीएफ खाद बिक्री केंद्र का है, जहां किसानों ने खाद वितरण में अव्यवस्था, रेट बोर्ड अपडेट न करने और समय से पहले केंद्र बंद कर देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर किसान ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (CM Portal) पर शिकायत दर्ज कर संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पीसीएफ खाद केंद्र पर अव्यवस्था का आरोप, किसान ने सीएम पोर्टल पर की शिकायत

फतहाबाद निवासी किसान अजय सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि पीसीएफ खाद बिक्री केंद्र पर लंबे समय से व्यवस्थाएं बदहाल हैं।

शिकायत के अनुसार केंद्र पर खाद की उपलब्धता और विभिन्न उर्वरकों के निर्धारित मूल्य का रेट बोर्ड नियमित रूप से अपडेट नहीं किया जाता, जिससे किसानों से अधिक कीमत वसूलने की आशंका बनी रहती है।

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किसान का आरोप है कि 15 जुलाई को मीटिंग का हवाला देकर पूरा दिन गोदाम बंद रखा गया, जबकि 16 जुलाई को केंद्र प्रभारी मोहम्मद अफजल दोपहर करीब 1 बजे ही शटर गिराकर केंद्र छोड़कर चले गए, जिसके कारण खाद लेने पहुंचे श्यामू वर्मा, मनीराम, अखिलेश कुमार, सर्वेश कुमार, रामविलास, हरीशंकर, बिपिन कुमार, सम्पदा देवी, समर सिंह पिंटू आदि दर्जनों किसानों को बिना खाद लौटना पड़ा।

दूसरे ब्लॉक के किसानों को भी किया जाता है परेशान

शिकायतकर्ता का कहना है कि केंद्र पर आने वाले अन्य ब्लॉकों के किसानों को क्षेत्राधिकार का हवाला देकर खाद देने से मना कर दिया जाता है या उन्हें गुमराह किया जाता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोदाम के सामने बना चबूतरा काफी समय से टूटा हुआ है। इसकी मरम्मत न होने के कारण बुजुर्ग किसानों को आने-जाने में परेशानी होती है और कई बार वे फिसलकर गिर भी जाते हैं।

किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन में धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों के दौरान खाद की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे समय में सरकारी केंद्रों की लापरवाही किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है।

सरकारी केंद्रों की बदइंतजामी से निजी दुकानदारों की चांदी, किसानों का हो रहा आर्थिक शोषण

शिकायतकर्ता किसान अजय सिंह वर्मा का आरोप है कि सरकारी खाद केंद्रों पर समय से खाद उपलब्ध न होने और व्यवस्थाएं चरमराने का सीधा फायदा निजी खाद विक्रेता उठा रहे हैं। उनका कहना है कि किसान मजबूरी में प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदने को विवश हैं, जहां खुलेआम आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

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अजय वर्मा के मुताबिक 266 रुपये मूल्य की यूरिया की एक बोरी के साथ किसानों को जबरन गुणवत्ताहीन जिंक का पैकेट थमाकर 450 से 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। जब किसान इसका विरोध करते हैं तो दुकानदार यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि सप्लायर ही यूरिया के साथ जिंक दे रहा है, इसलिए वे अलग से यूरिया नहीं बेच सकते।

किसानों का आरोप है कि यदि सरकारी केंद्रों पर समय से पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए और नियमित निगरानी हो, तो निजी दुकानदारों की इस तरह की मनमानी और ओवररेटिंग पर स्वतः रोक लग सकती है।

पीसीएफ जिला प्रबंधक बोले- सर्वर की समस्या से प्रभावित हुआ वितरण

इस संबंध में पीसीएफ के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर पंकज कुमार ने बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से सर्वर संबंधी तकनीकी समस्या के कारण जिले के कई खाद केंद्रों पर मशीनें सही तरीके से कार्य नहीं कर पा रही हैं, जिससे वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है।

रेट बोर्ड अपडेट न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी केंद्र प्रभारियों को प्रतिदिन रेट बोर्ड अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। संभव है कि लगातार बारिश के कारण बोर्ड पर लिखी जानकारी मिट गई हो।

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उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

खरीफ सीजन में किसानों की बढ़ी चिंता

खरीफ फसल के महत्वपूर्ण समय में खाद वितरण में हो रही दिक्कतों से किसान खासे परेशान हैं। किसानों का कहना है कि यदि समय पर उर्वरक उपलब्ध नहीं हुआ तो फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और पीसीएफ अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं कि शिकायत के बाद व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

 

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