बाराबंकी में लोधेश्वर इंडेन गैस एजेंसी के खिलाफ EC Act 1956 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर के आदेश।
ऑयल कंपनी और आपूर्ति विभाग की जांच में स्टॉक में मिला भारी अंतर।
जांच में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की संख्या कम पाई गई।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 मई 2026
बाराबंकी जिले में गैस एजेंसी की जांच के दौरान घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के स्टॉक में भारी गड़बड़ी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला पूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी (Rakesh Tiwari) ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑयल कंपनी और आपूर्ति निरीक्षक की संयुक्त जांच में स्टॉक रजिस्टर और गोदाम में मौजूद गैस सिलेंडरों की संख्या में बड़ा अंतर पाया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश और अनुमति के बाद लोधेश्वर इंडेन गैस एजेंसी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (EC Act) की धारा 3/7 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाना कोतवाली रामनगर में तहरीर दी गई है।

जांच में कई श्रेणियों के सिलेंडर कम मिले
जांच रिपोर्ट के अनुसार एजेंसी के स्टॉक रिकॉर्ड और वास्तविक भौतिक सत्यापन में कई प्रकार के गैस सिलेंडरों की संख्या कम पाई गई। घरेलू 14.2 किलोग्राम गैस सिलेंडरों में सबसे अधिक अंतर सामने आया।
जांच में सामने आए प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं—
घरेलू गैस सिलेंडरों में भारी कमी
- 336 भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडर रिकॉर्ड में दर्ज थे, जबकि गोदाम में केवल 258 सिलेंडर मिले
- कुल 78 भरे हुए सिलेंडर कम पाए गए
खाली सिलेंडरों में भी गड़बड़ी
- 246 खाली घरेलू सिलेंडरों के स्थान पर 216 सिलेंडर पाए गए
- 30 खाली सिलेंडर कम मिले
व्यावसायिक सिलेंडरों में भी अंतर
- 19 किलोग्राम व्यावसायिक गैस सिलेंडरों में 21 सिलेंडर कम पाए गए
- 5 किलो और अन्य श्रेणियों में भी स्टॉक अंतर दर्ज किया गया
10 किलो एक्स्ट्रा लाइट सिलेंडर भी गायब
रिपोर्ट के अनुसार गोदाम में 10 किलो एक्स्ट्रा लाइट गैस सिलेंडर का कोई भरा सिलेंडर मौजूद नहीं मिला, जबकि रिकॉर्ड में संख्या दर्ज थी। जांच टीम ने इसे गंभीर अनियमितता माना है।

जिला प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
जिला पूर्ति अधिकारी Rakesh Tiwari ने बताया कि गैस एजेंसी द्वारा रखे गए स्टॉक और वास्तविक उपलब्धता में पाए गए अंतर को गंभीरता से लिया गया है। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ और आवश्यक वस्तुओं की अनियमितता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपभोक्ताओं में चर्चा, एजेंसी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
मामले के सामने आने के बाद स्थानीय उपभोक्ताओं में भी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि जांच में इतनी बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का अंतर मिला है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि आम उपभोक्ताओं को होने वाली संभावित परेशानी और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
फिलहाल पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













