Barabanki

बाराबंकी में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से हो रहा अवैध मिट्टी खनन: ग्रामीणों ने पुलिस-राजस्व विभाग पर लगाए मिलीभगत के आरोप

SHARE:

बाराबंकी के कुर्सी थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का खेल चरम पर है।

ग्रामीणों ने पुलिस, राजस्व विभाग और खनन विभाग पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।

दौलतपुर गांव सहित कई क्षेत्रों में रातभर जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी खनन का दावा किया जा रहा है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के कुर्सी थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार एक बार फिर सुर्खियों में है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में बंजर, परती और ग्राम समाज की जमीनों से बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस, राजस्व विभाग और खनन विभाग के कुछ कर्मचारियों पर खनन माफियाओं से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।

दौलतपुर गांव में बिना अनुमति मिट्टी खनन का आरोप

ताजा मामला कुर्सी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिंसई के दौलतपुर गांव का बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी शत्रोहन के खेत से पिछले कई दिनों से बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी की खुदाई की जा रही है। रात के समय जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मिट्टी निकालकर विभिन्न स्थानों पर बेची जा रही है।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी में चोरी की कोशिश नाकाम: दुकान के अंदर घुसे युवक को ग्रामीणों ने दबोचा, रस्सी से हाथ-पैर बांधकर पिटाई

जब इस संबंध में हल्का लेखपाल अरविंद कुमार वर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई सूचना नहीं है। हालांकि ग्रामीणों का दावा है कि स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग को पूरे मामले की जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।

रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक चलता है खनन का खेल

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में अवैध खनन का यह कारोबार रोजाना रात 11 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक चलता है। इस दौरान दर्जनों जेसीबी, लोडर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगातार मिट्टी की ढुलाई करती हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक कुर्सी थाना क्षेत्र के कंचनापुर, बिंसई, मोहसन्ड, निंदूरा, बैनाटिकरहार, उमरा समेत कई गांवों में सरकारी भूमि, ग्राम समाज की जमीन और निजी खेतों से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही है।

₹700 से ₹1000 प्रति ट्रॉली बिक रही मिट्टी

ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया एक ट्रॉली मिट्टी ₹700 से ₹1000 तक में बेच रहे हैं। एक ही रात में सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी की बिक्री होने से लाखों रुपये का कारोबार किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का औचक निरीक्षण: खाद वितरण में गड़बड़ी व उर्वरक वितरण रजिस्टर में मिली खामियां; सचिव को लगाई फटकार

ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार से होने वाली कमाई का एक हिस्सा संबंधित विभागों तक भी पहुंचाया जाता है। यही वजह है कि शिकायतों और मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद खनन माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

सड़कें टूट रहीं, बढ़ रहा हादसों का खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि अवैध मिट्टी से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर दिन-रात क्षेत्रीय सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इससे ग्रामीण मार्ग तेजी से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा रातभर मशीनों और वाहनों के संचालन से होने वाला शोर ग्रामीणों की नींद और स्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं, प्रशासन पर उठ रहे सवाल

इलाके के ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पुलिस, तहसील प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम सरकारी और निजी जमीनों पर खुदाई कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ें  Barabanki: महंगाई और LPG गैस किल्लत ने बिगाड़े पति-पत्नी के रिश्ते, सिलेंडर न भरवाने पर बच्चे संग घर छोड़कर फरार हुई पत्नी; पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

खनन अधिकारी से नहीं हो सका संपर्क

मामले में खनन विभाग का पक्ष जानने के लिए जिला खनन अधिकारी शैलेन्द्र मौर्या के मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा नंबर ब्लॉक किए जाने के चलते उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।

अब सवाल यह है कि आखिर क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे इस कथित अवैध खनन पर जिम्मेदार विभाग कब कार्रवाई करेंगे और ग्रामीणों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लिया जाएगा।

रिपोर्ट – ललित राजवंशी 

पहले होर्डिंग से गायब की फ़ोटो, फिर ‘मातहत’ कहकर भड़काई आग, 19 सालों तक बड़बोले कांग्रेस नेता नईम सिद्दीकी की मोहब्बत से क्यों महरूम रहे बाराबंकी सदर के युवा मतदाता?

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

9251
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई