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बाराबंकी में दिव्यांगता का फायदा उठाकर जमीन हड़पने की साजिश: विरोध पर जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी, एसपी से न्याय की गुहार 

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बाराबंकी में दलित परिवार की जमीन का फर्जी इकरारनामा कराने का आरोप।

बेटों की दिव्यांगता का फायदा उठाकर जमीन हड़पने की साजिश, विरोध पर जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी। पढ़ें पूरी खबर।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 28 अप्रैल 2026

जनपद बाराबंकी के कोतवाली नगर क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक दलित परिवार ने भूमाफियाओं पर अपनी पुश्तैनी जमीन पर फर्जी तरीके से इकरारनामा कर कब्जे की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर न केवल धोखाधड़ी बल्कि जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

कोतवाली नगर क्षेत्र के ग्राम मुबारकपुर मजरे गदिया निवासी शत्रोहन ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति (चमार) समुदाय से संबंध रखते हैं। उनके दोनों पुत्र—सतीश कुमार और अतीश—ग्राम गदिया, परगना देवां, तहसील नवाबगंज स्थित गाटा संख्या 1868 (रकबा 0.085 हेक्टेयर) भूमि के दर्ज खातेदार हैं।

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पीड़ित के अनुसार, यह भूमि उनकी सास रामदेई पत्नी मंगरे से विरासत में प्राप्त हुई थी।

बेटों की दिव्यांगता का उठाया गया कथित फायदा

शिकायत में बताया गया है कि शत्रोहन का छोटा पुत्र अतीश जन्म से मूक-बधिर है, जबकि बड़ा पुत्र सतीश कुमार मानसिक रूप से कमजोर है। आरोप है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपियों ने धोखाधड़ी की साजिश रची।

फर्जी इकरारनामा कराने का आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया है कि

  • सत्येंद्र कुमार (निवासी लखैचा, थाना सतरिख)
  • प्रदीप कुमार ओझा (निवासी बिहार)
  • रामनरेश (निवासी मौथरी, बाराबंकी)
  • दीपक सिंह (निवासी ओम नगर, बाराबंकी)

ने रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से दिनांक 24 अप्रैल 2024 को उक्त भूमि का फर्जी इकरारनामा (बिना कब्जा) तैयार करवा लिया।

दो साल बाद ऑनलाइन जांच में खुला मामला

शत्रोहन के अनुसार, उन्हें इस फर्जी इकरारनामे की जानकारी 25 अप्रैल 2026 को अफवाह के माध्यम से मिली। इसके बाद जब उन्होंने ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक किया, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।

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विरोध करने पर मिली धमकी और जातिसूचक गालियां

पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपियों से संपर्क कर इकरारनामा निरस्त करने की बात कही, तो आरोपी दीपक सिंह ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित के अनुसार आरोपी ने कहा कि—

  • “अगर इस मामले में कुछ किया तो जान से मार देंगे”
  • “हम पर पहले से कई मुकदमे हैं, एक और सही”

इस घटना के बाद पूरा परिवार भयभीत है और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है।

पुलिस से FIR और सुरक्षा की मांग

पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि—

  • आरोपियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए
  • फर्जी इकरारनामा निरस्त कराया जाए
  • परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए
  • दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो
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बड़ा सवाल – क्या भूमाफियाओं पर लगेगी लगाम?

यह मामला न केवल जमीन कब्जे की साजिश को उजागर करता है, बल्कि कमजोर और दिव्यांग लोगों को निशाना बनाने की गंभीर प्रवृत्ति को भी सामने लाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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