Barabanki: फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के गौरा गजनी गांव में होली के दौरान डीजे बजाने को लेकर मारपीट का आरोप।
पीड़ित दलित परिवार ने ग्राम प्रधान के पुत्रों पर जातिसूचक गालियां और मारपीट का आरोप लगाते हुए एसपी अर्पित विजयवर्गीय से शिकायत की।
स्थानीय पुलिस पर कार्रवाई न करने का भी आरोप। पढ़ें पूरी खबर।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गौरा गजनी में होली के दिन डीजे बजाने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मौजूदा ग्राम प्रधान के दबंग पुत्रों ने अपने साथियों के साथ मिलकर डीजे पर आपत्ति जताते हुए मारपीट की और जातिसूचक टिप्पणियां कीं।

पीड़िता का आरोप — जातिसूचक गालियां और मारपीट
गौरा गजनी निवासी सरोज कुमारी पत्नी सतीश चन्द्र ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 4 मार्च 2026 की शाम करीब 5 बजे गांव निवासी दीपू पुत्र गरीबे होली के अवसर पर डीजे लेकर आए थे, उन्हीं के दरवाज़े पर डीजे बज रहा था। प्रार्थनी के पति सतीश चंद्र भी वही पर डीजे सुनने गए थे।
आरोप है कि इसी दौरान मौजूदा ग्राम प्रधान के पुत्र आशीष यादव व उनके भाई अरुण उर्फ अम्बरीश यादव अपने साथियों के साथ पहुंचे और डीजे बजाने पर यह कहते हुए आपत्ति जताई, कि – “साले पासियों तुम लोग हमसे पूछे बिना गांव में डीजे कैसे बजा रहे हो।” विरोध करने पर कथित रूप से सतीश चन्द्र के साथ मारपीट की गई।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपने पति को बचाने पहुंचीं तो उनके साथ भी अभद्रता की गई और सार्वजनिक रूप से बेइज्जती करते हुए मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश हो गईं।

यूपी-112 पर सूचना, पुलिस देख फरार हुए आरोपी
घटना की सूचना पीड़िता के पुत्र द्वारा यूपी-112 पर दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपियों के मौके से चले जाने का दावा किया गया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि स्थानीय थाने में तहरीर देने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई।

एसपी से की सुरक्षा और कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
फिलहाल मामले में पुलिस द्वारा जांच किए जाने की बात कही जा रही है। प्रशासन की ओर से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।

गांव में तनाव, निष्पक्ष जांच की अपेक्षा
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई से ही स्थिति सामान्य हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि शिकायत के आधार पर जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













