Barabanki News:

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। 28 जनवरी 2026
केंद्र सरकार द्वारा यूजीसी (UGC) नियम लागू किए जाने के बाद देशभर में चल रहे विरोध को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने यूजीसी नियम का विरोध करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस कानून का विरोध वही तत्व कर रहे है जो समाज के दलितों, पिछड़ों और कमजोर वर्ग पर अत्याचार करते हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी बाराबंकी को सौंपा गया। ज्ञापन में पार्टी ने मांग की कि यूजीसी नियम का विरोध कर रहे कथित समाज-विरोधी तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए।
कमजोर वर्गों के अधिकारों से जुदा मामला
ज्ञापन में पार्टी के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि यूजीसी नियम का विरोध करने वाले लोग समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे और दलितों, पिछड़ों एवं कमजोर तबकों पर अत्याचार में संलिप्त रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के मौलिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश का आरोप
रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि यूजीसी नियम का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता लाना है, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर इसका विरोध कर देश का सामाजिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे है। उन्होंने कहा कि ऐसे देश विरोधी तत्वों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे।
प्रधानमंत्री को निर्देश देने की अपील
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने महामहिम राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि इस गंभीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री को आवश्यक निर्देश दे, यूजीसी नियम का विरोध कर रहे असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्यवाही की जा सके और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद















