Barabanki: रामनगर में ‘इश्किया वर्दी’ का सनसनीखेज मामला
बाराबंकी के रामनगर में जांच करने पहुंचे दरोगा पर महिला से अवैध संबंध, पति को धमकी और डकैती में फंसाने का आरोप। कॉल डिटेल और ऑडियो वायरल, पुलिस जांच जारी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि कानून और नैतिकता—दोनों पर गहरे सवाल खड़े करता है। यहां एक दरोगा शिकायत की जांच करने पीड़िता के घर पहुंचा और धीरे-धीरे मामला जांच से इश्क़ तक जा पहुंचा।
शिकायत की आड में शुरू हुआ ‘खेल’
रामनगर थाना क्षेत्र के कुम्हरवा गांव निवासी अरुण कुमार ने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय को दिए शिकायती पत्र में बताया कि करीब एक साल पहले उसकी पत्नी का पारिवारिक विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत थाने में दी गई थी। इसी मामले की जांच के लिए एसआई अखिलेश यादव उनके घर आए और यहीं से कहानी ने नया मोड़ ले लिया।
आरोप है कि दरोगा ने पहले भरोसे में लेकर पति से अपनी गाड़ी चलवानी शुरू कराई और पत्नी को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद युवक की गैरमौजूदगी में पत्नी से चोरी-छिपे फोन पर बातचीत और मुलाकात का सिलसिला शुरू हो गया।
बहन के सामने पत्नी को कार में बैठाकर ले गया दरोगा
पीड़ित का आरोप है कि करीब पांच महीने पहले उसकी उसकी पत्नी जब अपनी ननद के साथ रामनगर गई थी, तभी दरोगा कार से पहुंचा और ननद के विरोध के बावजूद पत्नी को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गया। बाद में करीब आधे घंटे बाद पत्नी को तहसील के पास लाकर छोड़ दिया।
इतना ही नहीं, एक महीने पहले जब महिला घर में अकेली थी, तब भी दरोगा घर पहुंच गया। आरोप है कि घर में मौजूद ननद को बहाने से बाहर भेजा गया और लौटने पर उसने दरोगा व महिला को आपत्तिजनक स्थिति में पाया।
मिलने से रोका तो दी डकैती में फंसाने की धमकी
पीड़ित का कहना है कि जब परिवार ने दरोगा के घर आने-जाने पर रोक लगाई, तो दरोगा आगबबूला हो गया। 28 जनवरी 2026 को दरोगा दो बार घर पहुंचा और पत्नी से मिलने की जिद पर अड़ गया। विरोध करने पर मां-बहनों को गालियां दी और पूरे परिवार को डकैती के मुकदमे में फंसाने की धमकी तक दे डाली।
इस घटना के बाद पूरा परिवार दहशत में है। पीड़ित ने एसपी बाराबंकी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल तक न्याय की गुहार लगाई है।
कॉल डिटेल और ऑडियो ने बढ़ाई मुश्किलें
हालांकि आरोपी दरोगा अखिलेश यादव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 27 जनवरी 2026 को महिला ने थाने में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था, इसी की जांच के लिए उसके पति को थाने बुलाया गया था।
लेकिन पीड़ित द्वारा निकलवाई गई अपनी पत्नी के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड में कथित घटना से पहले भी दरोगा और महिला के बीच बातचीत होने की पुष्टि हो रही है। इसके अलावा दोनों के बीच बातचीत की पुष्टि हो रही है। इसके अलावा महिला के पति और दरोगा के बीच बातचीत के कई ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे हैं।
क्या कहती है CO रामनगर
इस पूरे मामले पर सीओ रामनगर गरिमा पंत ने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञान में है। शिकायतकर्ता उसकी पत्नी और आरोपी दरोगा को बयान के लिए बुलाया गया है उनके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि—
- क्या वर्दी की ‘मोहब्बत’ कानून पर भारी पड़ेगी?
- या फिर पीड़ित पति को मिलेगा इंसाफ?
इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।
रिपोर्ट – कामरान अल्वी













