Barabanki: संजय सेतु की मरम्मत को लेकर सरयू नदी पर करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से पीपा पुल का निर्माण शुरू हो गया है।
208 पांटून से बनने वाला यह अस्थायी पुल लखनऊ, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और नेपाल तक आवागमन को सुगम बनाएगा।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सरयू नदी पर स्थित संजय सेतु की मरम्मत को लेकर पुल पर आवागमन अस्थायी रूप से बंद किया जाना है। यह पुल लखनऊ से बाराबंकी, बहराइच होते हुए पड़ोसी देश नेपाल को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है।
शासन के निर्देशानुसार लोगों के सुगम परिवहन को ध्यान में रखते हुए करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से सरयू नदी पर पीपा पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे संजय सेतु की मरम्मत के दौरान भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित नहीं होगा।

सरयू नदी में पांटून डालकर शुरू हुआ पीपा पुल का निर्माण
बृहस्पतिवार को सरयू नदी में एक पांटून डालकर पीपा पुल निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई। हालांकि नदी के जल स्तर की तुलना में किनारा काफी ऊंचा होने के कारण पांटून डालने में कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आईं।

जेसीबी मशीनों से बनाया जा रहा ढाल
इन समस्याओं को दूर करने के लिए दो जेसीबी मशीनों की मदद से नदी किनारे ढाल बनाई जा रही है। ढाल बनने के बाद पांटून की श्रृंखला एक-एक करके नदी में जोड़ी जाएगी, जिससे पुल का ढांचा तैयार होगा।

208 पांटून से तैयार होंगे दो पीपा पुल
अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के तहत कुल 208 पांटून का उपयोग कर दो पीपा पुलों का निर्माण किया जाएगा। अभी तक लगभग 52 पांटून मौके पर पहुंच चुके हैं और बाकी सामग्री भी लगातार लाई जा रही है।

निर्माण के लिए लोहे के तख्त, पीलर, तार, गाटर, रस्सा, नट-बोल्ट सहित अन्य जरूरी सामग्री एकत्रित की जा रही है।
युद्ध स्तर पर चल रहा निर्माण कार्य
पीपा पुल के निर्माण के लिए तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा दो हाइड्रा मशीनें भी निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाने में लगी हुई हैं।
निर्माण कार्य से जुड़े कर्मचारियों के अनुसार इसी माह के अंत तक सरयू नदी पर तैरता हुआ पीपा पुल तैयार हो जाएगा।

लखनऊ से नेपाल तक आवागमन होगा आसान
पीपा पुल बन जाने के बाद राजधानी लखनऊ से गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और पड़ोसी देश नेपाल तक आवागमन में काफी सुविधा होगी।
इसके अलावा आपातकालीन स्थिति में बीमार लोगों को अस्पतालों तक पहुंचाने में भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
📍 रिपोर्ट: निरंकार त्रिवेदी
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