UIDAI के नए आदेश के अनुसार अब आधार कार्ड को जन्मतिथि का प्रमाण नहीं माना जाएगा।
जानिए नए नियम, आधार का सही उपयोग और किन दस्तावेजों से DOB साबित होगी।

नई दिल्ली | 29 अप्रैल 2026
नई दिल्ली से एक अहम अपडेट सामने आया है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड को जन्मतिथि (Date of Birth) का वैध प्रमाण नहीं माना जाएगा।
UIDAI द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि आधार कार्ड व्यक्ति की पहचान का प्रमाण तो है, लेकिन इससे जन्मतिथि की पुष्टि नहीं की जा सकती, भले ही उस पर DOB दर्ज हो।
आधार का उद्देश्य क्या है?
UIDAI के अनुसार, आधार का मुख्य उद्देश्य ऑथेंटिकेशन (Authentication) के जरिए व्यक्ति की पहचान सत्यापित करना है, न कि उसकी उम्र या जन्मतिथि प्रमाणित करना।
आधार पर दर्ज जन्मतिथि यूजर द्वारा नामांकन या अपडेट के समय दी गई जानकारी पर आधारित होती है, जिसकी स्वतंत्र सत्यापन प्रक्रिया नहीं होती।

कैसे होता है आधार ऑथेंटिकेशन?
आधार प्रमाणीकरण में बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आंख की पुतली) और अन्य डिटेल्स का मिलान होता है
- यह मिलान UIDAI के सेंट्रल डेटाबेस से किया जाता है
- सफल ऑथेंटिकेशन से केवल व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित होती है
- जन्मतिथि या उम्र की पुष्टि इसमें शामिल नहीं होती
AUA और KUA एजेंसियों को मिली छूट
UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि—
- Authentication User Agency (AUA)
- KYC User Agency (KUA)
इन एजेंसियों को यह तय करने का अधिकार होगा कि वे जन्मतिथि या उम्र सत्यापन के लिए आधार का उपयोग करें या नहीं।
इसके अलावा, सरकारी योजनाओं और सब्सिडी में आधार का उपयोग करना संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों के विवेक पर निर्भर करेगा।

आधार के कौन-कौन से रूप मान्य हैं?
UIDAI ने दोहराया है कि आधार के विभिन्न स्वरूप अब भी पहचान और पते के प्रमाण के रूप में मान्य रहेंगे—
- फिजिकल आधार कार्ड
- ई-आधार
- मास्क्ड आधार
- ऑफलाइन XML
- QR कोड
हालांकि, इन सभी को जन्मतिथि प्रमाण के रूप में मान्यता नहीं दी जाएगी।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
इस फैसले के बाद अब लोगों को—
- जन्मतिथि साबित करने के लिए अन्य दस्तावेज (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं मार्कशीट आदि) का उपयोग करना होगा
- केवल आधार के भरोसे DOB वेरिफिकेशन संभव नहीं होगा
निष्कर्ष
UIDAI के इस नए आदेश से साफ हो गया है कि आधार कार्ड की भूमिका सिर्फ पहचान तक सीमित है। जन्मतिथि जैसे संवेदनशील डेटा के लिए अब अलग और प्रमाणित दस्तावेजों की जरूरत होगी।
रिपोर्ट – नौमान माजिद
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