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बाराबंकी में परमिट की आड़ में हरियाली पर चला आरा, धड़ल्ले से हुई हरे पेड़ों की कटान; ठेकेदार-किसान पर मुकदमा दर्ज

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Barabanki News: परमिट की आड़ में हरियाली पर चला आरा, धड़ल्ले से हुई हरे पेड़ों की कटान; ठेकेदार-किसान पर मुकदमा दर्ज

बाराबंकी के सुबेहा क्षेत्र के रोहनामीरपुर गांव में पांच पेड़ों के परमिट की आड़ में 10 अतिरिक्त पेड़ काटने का आरोप है। वन विभाग की जांच के बाद ठेकेदार श्यामलाल और किसान शीलू सिंह पर मुकदमा दर्ज, काटी गई लकड़ी की तलाश जारी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 अक्टूबर 2026

बाराबंकी में पेड़ों की कटान को लेकर वन विभाग की कार्रवाई सामने आई है। सुबेहा थाना क्षेत्र के बरकरार मजरे रोहनामीरपुर गांव में पांच पेड़ों के परमिट की आड़ में कथित तौर पर 10 अतिरिक्त हरे पेड़ काट दिए गए। शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच की तो परमिट में दर्ज पेड़ों से अधिक कटान किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद वन दरोगा की तहरीर पर पुलिस ने ठेकेदार और किसान के खिलाफ वन अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले में सबसे अहम बात यह है कि जांच के दौरान मौके पर कटे हुए पेड़ों के ठूंठ तो मिले, लेकिन काटे गए पेड़ों की लकड़ी बरामद नहीं हो सकी। अब पुलिस और संबंधित विभाग के सामने लकड़ी का पता लगाने तथा पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करने की चुनौती है।

परमिट पांच पेड़ों का, कट गए 15 पेड़! बाराबंकी में वन विभाग की जांच के बाद मुकदमा

वन विभाग के अनुसार, किसान के नाम पर पांच पेड़ों की कटान का परमिट जारी किया गया था। इसमें दो कलमी आम, दो महुआ और एक जामुन का पेड़ शामिल था। आरोप है कि इसी परमिट की आड़ में निर्धारित पांच पेड़ों के अलावा सात महुआ और तीन कैथा के पेड़ भी काट दिए गए।

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यदि जांच में यह आरोप प्रमाणित होता है, तो मामला केवल परमिट के तहत स्वीकृत पेड़ों की कटान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अतिरिक्त पेड़ों की कटाई और लकड़ी के गायब होने के पहलुओं की भी जांच जरूरी होगी।

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मुखबिर की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम

वन दरोगा अनुज सिंह के मुताबिक, 11 अक्टूबर को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि बरकरार मजरे रोहनामीरपुर गांव में पेड़ों की कटान स्वीकृत परमिट से अधिक की गई है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान टीम को कटे हुए पेड़ों के ठूंठ मिले। विभागीय जांच में परमिट में दर्ज पेड़ों के अलावा अतिरिक्त पेड़ों की कटान किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद वन विभाग ने मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी।

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ठेकेदार श्यामलाल और किसान शीलू सिंह पर आरोप

वन दरोगा अनुज सिंह के अनुसार, पेड़ों की कटान और लकड़ी उठाकर ले जाने के मामले में ठेकेदार श्यामलाल तथा किसान शीलू सिंह उर्फ राजेंद्र सिंह की भूमिका सामने आई है।

वन विभाग की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ वन अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, मुकदमा दर्ज होने का अर्थ आरोप सिद्ध होना नहीं है। मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण पुलिस की विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।

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कटे पेड़ों के ठूंठ मिले, लकड़ी का नहीं चला पता

इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू काटे गए पेड़ों की लकड़ी का गायब होना है। वन विभाग की टीम को मौके पर कटान के निशान और पेड़ों के ठूंठ मिले, लेकिन लकड़ी बरामद नहीं हुई।

अब पुलिस को यह पता लगाना होगा कि काटे गए पेड़ों की लकड़ी कहां ले जाई गई, उसे किसने उठाया और क्या इस संबंध में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। लकड़ी की बरामदगी से मामले के कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

उपनिरीक्षक लल्लन प्रसाद को सौंपी गई विवेचना

पुलिस ने वन दरोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की विवेचना उपनिरीक्षक लल्लन प्रसाद को सौंपी है। अब जांच के दौरान परमिट के दस्तावेजों, मौके पर हुई कटान, लकड़ी के परिवहन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

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फिलहाल, मामले में पुलिस जांच जारी है और काटे गए पेड़ों की लकड़ी बरामद नहीं हुई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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