बाराबंकी के सुबेहा सीएचसी में सात वर्षीय बच्चे को दूसरा एंटी रेबीज टीका नहीं लगाने का सभासद ने आरोप लगाया। 300 रुपये में बाहर से इंजेक्शन खरीदने का दावा, सीएमओ ने जांच का आश्वासन दिया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 12 अक्टूबर 2026
बाराबंकी जिले की नगर पंचायत सुबेहा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। पट्टी वार्ड के टिकुरी गांव निवासी सभासद विशाल ने आरोप लगाया है कि कुत्ते के काटने के बाद उनके सात वर्षीय बेटे को निर्धारित तारीख पर दूसरा एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लगाया गया। अस्पताल में इंजेक्शन नहीं लग पाने के कारण उन्हें बाजार से 300 रुपये में टीका खरीदकर लगवाना पड़ा। सभासद ने अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, साफ-सफाई की कमी और अन्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर भी शिकायत की है।
सभासद के मुताबिक, उन्होंने इस मामले की शिकायत क्षेत्रीय विधायक से की। उनके अनुसार, विधायक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से बात कर जांच कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने अस्पताल की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है।
सुबेहा सीएचसी में बच्चे को दूसरा एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं लगने का आरोप
नगर पंचायत सुबेहा के पट्टी वार्ड अंतर्गत टिकुरी गांव निवासी सभासद विशाल का कहना है कि उनके सात वर्षीय बेटे को कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद बच्चे को नौ अक्टूबर को पहला एंटी रेबीज टीका लगवाया गया था। सभासद के अनुसार, दूसरे टीके की तारीख 11 अक्टूबर निर्धारित थी।
उन्होंने बताया कि रविवार को छुट्टी होने के कारण वह सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुबेहा पहुंचे। यहां दूसरे टीके के लिए पर्चा मांगा गया। सभासद का कहना है कि पर्चा खो जाने की बात बताते हुए उन्होंने नया पर्चा बनाने का अनुरोध किया, लेकिन फार्मासिस्ट ने पर्चे के बिना इंजेक्शन लगाने से इनकार कर दिया और बाहर से टीका लगवाने के लिए कहा।

बाजार से 300 रुपये में खरीदना पड़ा इंजेक्शन
सभासद विशाल का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में दूसरे एंटी रेबीज इंजेक्शन की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण उन्हें बाजार से 300 रुपये में टीका खरीदकर लगवाना पड़ा। उन्होंने इस घटना को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का मामला बताते हुए जांच की मांग की है।
हालांकि, अस्पताल में उस समय टीके की उपलब्धता, पर्चे से संबंधित नियमों और बच्चे को टीका लगाने से इनकार किए जाने की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन बिंदुओं पर स्वास्थ्य विभाग की जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डॉक्टर की अनुपस्थिति और गंदगी को लेकर भी उठाए सवाल
सभासद ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूसरी व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और चिकित्सक कक्ष में ताला लगा हुआ था। उनके मुताबिक, उस समय फार्मासिस्ट अकेले ही मरीजों को दवाएं दे रहे थे।
उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति पर भी नाराजगी जताई। सभासद का कहना है कि परिसर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई थी, जिससे मरीजों और उनके साथ आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एक्सरे मशीन बंद और शौचालय में पानी नहीं होने का दावा
सभासद विशाल ने अस्पताल में जांच सुविधाओं की कमी का आरोप भी लगाया है। उनके अनुसार, एक्सरे मशीन चालू नहीं है और शौचालय में पानी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं की जांच कराकर कमियों को दूर करने की मांग की है।।
विधायक से शिकायत, सीएमओ ने जांच का दिया आश्वासन
सभासद विशाल ने इस मामले की शिकायत क्षेत्रीय विधायक से की है। उनके अनुसार, विधायक ने सीएमओ से बातचीत कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने कहा कि अस्पताल की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अब यह देखना होगा कि जांच में एंटी रेबीज टीके की उपलब्धता, डॉक्टरों की मौजूदगी, एक्सरे मशीन और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर क्या स्थिति सामने आती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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