बाराबंकी के घुंघटेर थाना क्षेत्र में उफनाई कल्याणी नदी में डूबने से दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। 10 और 12 साल के दोनों बच्चे कृष्णा नगर से मंगला नगर लौट रहे थे। पक्का पुल न होने पर ग्रामीणों में आक्रोश है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 अक्टूबर 2026
बाराबंकी जिले के घुंघटेर थाना क्षेत्र के मंगला नगर गांव में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। लगातार बारिश के चलते उफनाई कल्याणी नदी में डूबने से दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। दोनों बच्चे नदी पार करते समय तेज बहाव की चपेट में आ गए।
मृतकों की उम्र महज 10 और 12 वर्ष थी। हादसे की खबर मिलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों में नदी पर पक्का पुल नहीं होने को लेकर भी आक्रोश है।
नदी का तेज बहाव बना काल, पैर फिसलने से डूबे दोनों बच्चे
ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण इन दिनों कल्याणी नदी और खारझा उफान पर हैं। नदी पर बना आरसीसी ह्यूम पाइप का अस्थायी पुल पहले ही बह चुका है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने के चलते आसपास के ग्रामीणों को आवागमन के लिए नदी पार करनी पड़ रही है।
बताया गया कि शनिवार शाम दोनों बच्चे नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज बहाव के बीच उनका पैर फिसल गया और दोनों नदी में जा गिरे। देखते ही देखते दोनों पानी में डूब गए।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने दोनों बच्चों की तलाश शुरू की, लेकिन नदी का तेज बहाव और अंधेरा बढ़ने के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
कृष्णा नगर से मंगला नगर लौटते समय हुआ हादसा
मृतकों की पहचान राज (10) पुत्र मिथिलेश रावत और अमित (12) पुत्र अखिलेश रावत के रूप में हुई है। दोनों बजगहनी ग्राम पंचायत के कृष्णा नगर निवासी बताए गए हैं। दोनों के पिता मिथिलेश रावत और अखिलेश रावत सगे भाई हैं।
परिजनों के मुताबिक, परिवार का एक मकान कृष्णा नगर में और दूसरा मकान मंगला नगर में है। शनिवार दोपहर करीब 4 बजे दोनों बच्चे कृष्णा नगर स्थित मकान पर गए थे।
शाम को दोनों बच्चे वापस मंगला नगर लौट रहे थे। इसी दौरान कल्याणी नदी पार करते समय यह दर्दनाक हादसा हो गया।

काफी देर तक घर नहीं पहुंचे तो शुरू हुई तलाश
शाम होने के बाद जब दोनों बच्चे घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। परिजनों ने आसपास तलाश शुरू की। इसके बाद ग्रामीण भी बच्चों की खोज में जुट गए।
काफी तलाश के बाद शाम करीब 7:30 बजे नदी किनारे एक बच्चे का शव दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने नदी में उतरकर दूसरे बच्चे की तलाश शुरू की।
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव नदी से बाहर निकाले।
पुलिस दोनों बच्चों को सीएचसी ले गई, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
हादसे की सूचना मिलने पर 112 पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस दोनों बच्चों को उपचार के लिए सीएचसी घुंघटेर लेकर गई।
सीएचसी में चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सीएचसी घुंघटेर के अधीक्षक डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों की मौत डूबने से हुई है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

पक्का पुल नहीं होने पर ग्रामीणों में आक्रोश
हादसे के बाद ग्रामीणों में कल्याणी नदी पर पक्का पुल नहीं होने को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर पक्का पुल नहीं होने के कारण उन्हें रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नदी पर बना आरसीसी ह्यूम पाइप का अस्थायी पुल भी अब मौजूद नहीं है। ऐसे में नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के बावजूद लोगों को आवागमन के लिए जोखिम उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का दावा है कि पक्के पुल के निर्माण की मांग कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने रखी गई, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीण बोले- पक्का पुल होता तो शायद टल सकता था हादसा
हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से कल्याणी नदी पर जल्द से जल्द पक्का पुल बनवाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर नदी पर सुरक्षित और पक्का पुल होता तो बच्चों को नदी के तेज बहाव के बीच से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ती और हादसा टल सकता था।
दो मासूमों की मौत से गांव में पसरा मातम
एक ही परिवार के दो चचेरे भाइयों की मौत से कृष्णा नगर और मंगला नगर में मातम पसरा हुआ है। जिस परिवार में बच्चों की चहल-पहल थी, वहां अब चीख-पुकार मची है।
हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में नदी-नालों पर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था और ग्रामीण इलाकों में पक्के पुलों की जरूरत को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए कल्याणी नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए और तब तक नदी पार करने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
रिपोर्ट – ललित राजवंशी
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