बाराबंकी के नेवला गांव निवासी मजदूर परमानंद वर्मा की अयोध्या में निर्माणाधीन भवन से गिरकर मौत हो गई। शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने पंचायत भवन के सामने रखकर कार्रवाई की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 30 सितंबर 2026
बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के नेवला गांव निवासी मजदूर परमानंद वर्मा की अयोध्या में निर्माणाधीन भवन में काम करने के दौरान ऊंचाई से गिरने से मौत हो गई। बुधवार को जब उनका शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। हादसे की परिस्थितियों और घटना की जानकारी समय पर नहीं मिलने से नाराज परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले शव को गोंडा-बहराइच हाईवे किनारे स्थित पंचायत भवन के सामने रख दिया और पूरे मामले में कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
सूचना मिलने पर मसौली पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया। पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया।
हालांकि, परिजन अभी भी इस बात को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर निर्माणाधीन भवन में परमानंद किस परिस्थिति में छत से नीचे गिरे और हादसे की जानकारी उन्हें समय पर और स्पष्ट रूप से क्यों नहीं दी गई।
अयोध्या में काम के दौरान हुआ हादसा, इलाज के दौरान मौत
परिजनों के अनुसार, परमानंद वर्मा करीब एक माह पहले मजदूरी करने के लिए अयोध्या गए थे। वहां वह एक निर्माणाधीन भवन में काम कर रहे थे।
बताया गया कि काम के दौरान वह अचानक भवन की छत से नीचे गिर गए। ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परमानंद की मौत की खबर गांव पहुंचने के बाद परिवार में मातम पसर गया।

शव गांव पहुंचते ही फूटा परिजनों का आक्रोश
बुधवार को परमानंद वर्मा का शव जब उनके पैतृक गांव नेवला पहुंचा तो पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों का कहना है कि हादसे के संबंध में उन्हें पूरी और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने अंतिम संस्कार से पहले शव को पंचायत भवन के सामने रख दिया।
परिजनों की मांग थी कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ।
लखनऊ-गोंडा हाईवे के पास शव रखकर कार्रवाई की मांग
परिजनों ने शव को गांव के गोंडा-बहराइच हाईवे किनारे स्थित पंचायत भवन के पास रखकर कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने के बाद मसौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
परिजनों ने हादसे की जानकारी छिपाने का लगाया आरोप
परमानंद के परिजनों ने उस व्यक्ति की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जिसके साथ वह काम करने के लिए अयोध्या गए थे।
परिजनों का आरोप है कि उन्हें हादसे की स्पष्ट और पूरी जानकारी नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि उन्हें यह भी ठीक से नहीं बताया गया कि निर्माणाधीन भवन में परमानंद किस परिस्थिति में छत से नीचे गिरे।
परिजनों के मुताबिक, जब उन्होंने घटना के संबंध में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी वजह से परिवार का संदेह और गहरा गया।

परिवार ने पुलिस से जांच और कार्रवाई की मांग की
परिजनों का कहना है कि वे हादसे की वास्तविक वजह जानना चाहते हैं। उनका कहना है कि यदि निर्माणाधीन भवन में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे या किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
परिजनों ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर हादसे की वास्तविक वजह सामने लाने और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
हादसे के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परमानंद वर्मा अपने पीछे पत्नी सीमा देवी और दो बेटों अनिकेत वर्मा तथा श्लोक वर्मा को छोड़ गए हैं।
वह दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई का नाम हरिश्चंद्र वर्मा है।
परमानंद का शव गांव पहुंचते ही पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के लिए सबसे बड़ा सदमा यह है कि जिस व्यक्ति के सहारे घर का खर्च चल रहा था, उसकी अचानक हादसे में मौत हो गई।
एक ओर परिवार अपनों को खोने के गम में है, वहीं दूसरी ओर हादसे की परिस्थितियों को लेकर उठ रहे सवालों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
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पुलिस के समझाने के बाद हुआ अंतिम संस्कार
शव को पंचायत भवन के सामने रखकर परिजनों द्वारा कार्रवाई की मांग किए जाने की सूचना मिलने पर मसौली पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर उनकी बात सुनी और उन्हें समझाया। काफी मान-मनौवल के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए, जिसके बाद मृतक का दाह संस्कार कराया गया।
अब परिजन चाहते हैं कि अयोध्या में हुए हादसे की परिस्थितियों की जांच कर उन्हें पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी दी जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद साफ होगी हादसे की पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि निर्माणाधीन भवन में परमानंद वर्मा छत से किन परिस्थितियों में गिरे। परिवार ने घटना की जानकारी और परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं।
पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह महज एक हादसा था या इसमें किसी स्तर पर लापरवाही की भूमिका रही। परिजनों की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाई जाए।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद
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