Barabanki News: सतरिख के संदौली उमरपुर में परिवार छत पर सोता रहा और चोर 2 लाख नकद व 3 लाख के जेवरात चोरी कर ले गए।
पीड़ित के मुताबिक 24 घंटे बाद भी FIR और फॉरेंसिक जांच का इंतजार है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 14 अगस्त 2026
बाराबंकी के सतरिख थाना क्षेत्र में चोरी की एक बड़ी वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार भीषण गर्मी में घर की छत पर सोता रहा और नीचे बेखौफ चोर मेन गेट का ताला तोड़कर घर में दाखिल हो गए। चोरों ने अलमारी और बक्सों के ताले तोड़कर करीब 2 लाख रुपये की नकदी और लगभग 3 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए।
सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़ित परिवार के मुताबिक घटना की सूचना पुलिस को देने और मौके पर पुलिस के पहुंचने के बावजूद 24 घंटे बाद तक न तो फॉरेंसिक टीम पहुंची और न ही मुकदमा दर्ज किया गया। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई और रात्रि गश्त को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
छत पर सोता रहा परिवार, घर के अंदर घुस गए चोर
मामला सतरिख थाना क्षेत्र के संदौली उमरपुर गांव का है। मूल रूप से मऊ जनपद निवासी नूरे आलम पिछले करीब तीन वर्षों से गांव में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार 12 अगस्त की रात भीषण गर्मी के कारण परिवार के सभी सदस्य घर की छत पर सो रहे थे। इसी का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने मकान को निशाना बनाया।
बताया गया कि चोरों ने पहले मुख्य गेट का लॉक तोड़ा और फिर घर के अंदर दाखिल हो गए। इसके बाद कमरों में रखी अलमारी और बक्सों के ताले तोड़कर उसमें रखी नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गए।
करीब 5 लाख की नकदी और जेवरात पर हाथ साफ
पीड़ित परिवार के मुताबिक चोर करीब 2 लाख रुपये नकद और लगभग 3 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर ले गए।
इस तरह चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
सुबह करीब 5:30 बजे जब परिवार के लोग नीचे आए तो कमरों का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। सामान बिखरा हुआ था, अलमारी और बक्से खुले पड़े थे और उसमें रखी नकदी व जेवरात गायब थे।

112 पुलिस पहुंची, दारोगा ने फॉरेंसिक टीम का दिया भरोसा
घटना की जानकारी मिलते ही नूरे आलम ने यूपी 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पीड़ित के अनुसार यूपी 112 की टीम ने सतरिख थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसके बाद काफी देर से थाने से एक दारोगा मौके पर पहुंचे और परिवार से घटना की जानकारी ली।
पीड़ित का कहना है कि दारोगा ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाने की बात कही, लेकिन इसके बाद वह वापस चले गए।

24 घंटे बाद भी फॉरेंसिक टीम का इंतजार, घर का सामान बिखरा
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस के फॉरेंसिक टीम बुलाने के आश्वासन के बाद वे घटनास्थल से सामान तक नहीं हटा सके, ताकि जांच प्रभावित न हो।
लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद फॉरेंसिक टीम मौके पर नहीं पहुंची।
पीड़ित के मुताबिक घटना के बाद से घर का सामान उसी तरह बिखरा पड़ा है। वहीं उनका आरोप है कि अभी तक चोरी की घटना में एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई है।
यदि पीड़ित का यह आरोप सही है तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि चोरी जैसी गंभीर वारदात में पुलिस की कार्रवाई इतनी धीमी क्यों है?
रात्रि गश्त पर भी ग्रामीणों ने उठाए सवाल
चोरी की घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रात्रि गश्त प्रभावी तरीके से नहीं हो रही है, जिसका फायदा चोर और उचक्के उठा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि रात में पुलिस की नियमित और प्रभावी गश्त हो तो इस तरह की वारदातों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने, चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने और संदौली उमरपुर में हुई चोरी का जल्द खुलासा करने की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
संदौली उमरपुर की इस घटना में सबसे बड़ा सवाल सिर्फ चोरी की वारदात का नहीं, बल्कि घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई की गति का भी है।
अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर चोरों तक कब पहुंचती है और चोरी की रकम व जेवरात की बरामदगी कब तक होती है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













